सीढ़िया चढ़ते हुए बढ़ जाती है Heart Beat, हो सकता है इस बीमारी का संकेत

Sandesh Wahak Digital Desk: कुछ लोगों को थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ने या पैदल चलने पर ही सांस फूलने लगती है और दिल की धड़कन (Heart Beat) तेज हो जाती है। आमतौर पर लोग इसे सांस से जुड़ी बीमारी मान लेते हैं। वहीं कुछ लोग इसे दिल की समस्या समझकर इलाज करवाने लगते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर बार दिल की धड़कन का तेज होना किसी शारीरिक बीमारी का संकेत होता है या इसका संबंध मानसिक स्वास्थ्य से भी हो सकता है। कई मामलों में यह समस्या एंग्जाइटी से भी जुड़ी हो सकती है।

Heart से जुड़ी परेशानी का संकेत

जानकर मानते हैं कि अगर सीढ़ियां चढ़ते समय दिल (Heart) बहुत तेजी से धड़कने लगे और साथ ही सांस भी फूलने लगे तो यह दिल से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब हार्ट में किसी बीमारी के कारण ब्लॉकेज हो जाती है तो दिल को ठीक तरह से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसी स्थिति में हार्ट को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इसके कारण सांस फूलने लगती है। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार हार्ट बीट के तेज होने की समस्या हो रही है तो उसे डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

कब एंग्जाइटी से जुड़ी हो सकती है समस्या

दरअसल कुछ मामलों में दिल (Heart) की धड़कन का तेज होना एंग्जाइटी से भी जुड़ा हो सकता है। अगर केवल सीढ़ियां चढ़ते समय या पैदल चलते समय हार्ट बीट तेज हो रही है और इसके साथ घबराहट, बेचैनी या चिंता जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं तो यह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा संकेत हो सकता है। जैसे कई लोगों को कहीं जाने से पहले घबराहट होने लगती है, ऑफिस की मीटिंग से पहले दिल की धड़कन तेज हो जाती है या वे हमेशा किसी न किसी बात को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे संकेत बताते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और इस स्थिति में मनोरोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

एनीमिया या थायरॉयड भी हो सकता है कारण

दरअसल कुछ मामलों में शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया के कारण भी दिल (Heart) की धड़कन तेज हो सकती है। जब शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं होता है तो शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाती है और दिल को ज्यादा तेजी से काम करना पड़ता है। इसके अलावा थायरॉयड की समस्या में भी हार्ट रेट बढ़ सकता है। यह समस्या खासतौर पर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है।

जरूरी है सही लाइफस्टाइल

दरअसल इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तक वॉक करना शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। इसके साथ ही हेल्दी डाइट लेना भी जरूरी है ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिल सके। तनाव को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा समय-समय पर नियमित हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके और उसका सही इलाज किया जा सके। जिससे आप Heart की बीमारी से बचे रहें।

 

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