Kanpur News: केडीए का चला पीला पंजा, 12 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, भू-माफियाओं को अल्टीमेटम
Kanpur News: कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ अपना शिकंजा कस दिया है। प्राधिकरण की टीम ने पिछले दो दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करोड़ों की अवैध प्लाटिंग को जमींदोज कर दिया।
कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और सचिव के कड़े निर्देशों के बाद प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग ज़ोन में अवैध निर्माण के खिलाफ महाभियान छेड़ दिया है। बुधवार को कल्याणपुर और मंगलवार को चौबेपुर क्षेत्र में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कल्याणपुर में 7 बीघा जमीन पर चला बुलडोजर
बुधवार, 18 मार्च को प्रवर्तन जोन-4 की टीम कल्याणपुर नरवल (अलकनंदा रोड) पहुंची। यहां आराजी संख्या-205 और आसपास की करीब 07 बीघा जमीन पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। प्रभारी अधिकारी अतुल कुमार राय और अवर अभियंता अटल चतुर्वेदी के नेतृत्व में केडीए के दस्ते ने यहाँ किए गए अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

ततियागंज में भी हुई बड़ी कार्रवाई
इससे एक दिन पहले यानी 17 मार्च को प्रवर्तन जोन-2ए के अंतर्गत ग्राम ततियागंज में कार्रवाई की गई। यहाँ आराजी संख्या-994 और 995 पर लगभग 5 बीघा में फैली अवैध प्लाटिंग को मिट्टी में मिला दिया गया। प्रवर्तन प्रभारी संदीप मोदनवाल और चौबेपुर पुलिस बल की मौजूदगी में यह डिमोलिशन संपन्न हुआ।
इन सोसायटियों और कॉलोनियों को मिला ‘अंतिम नोटिस’
केडीए ने न केवल ध्वस्तीकरण किया, बल्कि कई अन्य अवैध प्लाटिंग करने वालों को चिन्हित कर गंभीर चेतावनी के साथ नोटिस जारी किया है। इनमें प्रमुख हैं:
- महाराजपुर: श्री श्याम विहार और बांके बिहारी सोसायटी।
- इन्दलपुर: तिरुपति ग्रीन्स और राम कृष्णा विहार कॉलोनी (आराजी संख्या 206, 207)।
- राय गोपालपुर: कृष्ण कुमार की प्लाटिंग (आराजी संख्या 101)।
- पंचमपुरवा: श्री श्याम सोसायटी (आराजी संख्या 1056)।
- कुरसौली: श्री बालाजी हाउसिंग सोसायटी।
भू-माफियाओं पर दर्ज होगी FIR
केडीए अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि इन सोसायटियों के संचालकों ने तत्काल मानचित्र (मैप) स्वीकृत नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल प्रवर्तन जोन-2ए में अन्य अवैध साइट्स की पहचान की जा रही है।

