सीएम योगी ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के गोरखपुर सेंटर का किया उद्घाटन

Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टेक्नोलॉजी विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है। हमारी गति को प्रगति में बदल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। बजट में भी टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है। जब हम तकनीक नहीं अपनाते, उससे परहेज करते हैं तो प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं। और, जब प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं तो प्रगति की जगह दुर्गति की ओर जाते हैं। हमें प्रगति का अनुसरण करना है। सीएम योगी गुरुवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के गोरखपुर सेंटर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं में बहुत टैलेंट है। उसके टैलेंट को जब हम टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हैं तो वह अपनी प्रतिभा को कई गुना तेजी के साथ आगे बढ़ाने में सफल होता है। यही कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र ने पिछले 11 वर्षों में देश में किया है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है। यहां युवाओं में स्केल तो था लेकिन उसे वर्ष 2014 के पहले की सरकारों ने महत्व नहीं दिया। स्केल को स्किल में बदलने का प्रयास नहीं किया, कोई प्लेटफार्म नहीं उपलब्ध कराया। परिणाम था कि युवा हतोत्साहित होता था, पलायन करता था।

युवाओं के मन में निराशा थी। लेकिन, वर्ष 2014 के बाद एक-एक कर हर क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। न केवल भारत सरकार के स्तर पर, बल्कि हर जनपद स्तर पर युवाओं के स्केल को स्किल में बदलने के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। उन कार्यक्रमों की श्रृंखला में एसटीपीआई का गोरखपुर केंद्र भी अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका शुभारंभ वासन्तिक नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर होना अत्यंत शुभ लक्षण है।

सीएम योगी ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के गोरखपुर सेंटर का किया उद्घाटन

एसटीपीआई से मिलेगी युवाओं के सपनों को नई उड़ान

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई का यह सेंटर गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि स्टार्टअप चलाने वाला व्यक्ति केवल अपना कंप्यूटर लेकर वहां जाएगा। उसे जगह, बिजली कनेक्शन और अन्य जन सुविधाओं की चिंता नहीं करनी है। देश और दुनिया में जहां कहीं भी सॉफ्टवेयर की टेक्नोलॉजी आज अपनी धमक दिखा रही है, उसके पीछे यही सफल मॉडल है। गोरखपुर में पहली बार इसे शुरू किया जा रहा है। प्लग एंड प्ले मॉडल पर यहां के युवाओं को अपने स्टार्टअप के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध हुआ है।

15 अप्रैल को होगा पूर्वी यूपी के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल को गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी हो जाएगा। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बना है। ये सभी कार्यक्रम दिखाते हैं कि अब केवल हार्डवेयर में ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश का युवा अपनी प्रतिभा का परिचय वैश्विक मंच पर देने में सफल हो पाएगा।

पिछले 11 वर्ष के अंदर स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ाने का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में 20 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनमें से आधे महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। हर व्यक्ति के अंदर प्रतिभा है, लेकिन उसके हुनर को मंच चाहिए।

एमएमएमयूटी में बनेगा ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस

मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी को भविष्य की ऊर्जा बताते हुए कहा कि सरकार गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनवा रही है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। एनर्जी के लिए हमें किसी अन्य देश पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी एक माध्यम बनने वाली है। हम लोग हाल में जापान गए थे। जापान के साथ हमारी बातचीत हुई है। जापान में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी काफी एडवांस्ड स्टेज में है। हम उनसे मिलकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे। टेक्नोलॉजी को आने में और इनोवेशन को रिसर्च एंड डेवलपमेंट में बदलने में थोड़ा समय लगता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस क्षेत्र में जो संभावनाएं हैं, उसी को देखकर सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में मेडिटेक, कानपुर में लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स के सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार विश्व बैंक के साथ मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों और बुंदेलखंड के सात जिलों में एग्रीटेक पर काम कर रही है। ऐसे ही स्टार्टअप डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य फील्ड में भी स्थापित हो सकते हैं।

नौ वर्षों में गोरखपुर में हुआ एक लाख करोड़ रुपये का निवेश

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर के विकास और इसकी उपलब्धियों की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीते नौ वर्षों में गोरखपुर के विकास में एक लाख करोड रुपये का निवेश हुआ है। यहां एम्स, खाद कारखाना, पिपराइच चीनी मिल बनी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बना। आयुष विश्वविद्यालय, कई पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थान बने। स्केल डेवलपमेंट के केंद्र बने। चारों ओर हाईवे और फोरलेन की कनेक्टिविटी हुई। गोरखपुर से अंदर की सड़कों को लेकर, अन्य तमाम प्रकार की सुविधाओं को लेकर काम हुए। गोरखपुर में एक लाख करोड रुपये निवेश करने से लाखों नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की संभावना आगे बढ़ी है।

सीएम योगी ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के गोरखपुर सेंटर का किया उद्घाटन

गीडा में दिखती है नवनिर्माण की नई प्रगति

सीएम योगी ने कहा कि गीडा ने पिछले नौ वर्ष में नव निर्माण की नई प्रगति को देश और दुनिया के सामने रखा है। एक समय था जब गीडा में दो उद्योग लगे थे। उन दो उद्योगों में केवल 29-30 करोड रुपये की पूंजी लगी थी। जबकि पिछले नौ वर्ष में यहां लगभग 350 से अधिक उद्योग लगे हैं, 17000 करोड रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। 50000 से अधिक नौजवानों को नौकरी और रोजगार की संभावना अकेले गीडा ने विकसित की है।

गीडा में प्लग एंड प्ले के जिस मॉडल पर सॉफ्टवेयर पार्क विकसित हुआ है, ऐसे ही यहां पर सरकार फ्लैटेड फैक्ट्री कार्यक्रम को लेकर आई है। गीडा में प्लास्टिक पार्क भी विकसित हो रहा है। अच्छी-अच्छी फैक्ट्रियां आज यहां पर लग रही हैं। ये फैक्ट्रियां यहां के नौजवानों के सपनों को नई उड़ान देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगी।

गोरखपुर में सेंटर खोलने के लिए मुख्यमंत्री ने एसटीपीआई की पूरी टीम को धन्यवाद दिया। साथ ही अपील की कि इस सेंटर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी व उच्च शिक्षा संस्थानों से जोड़ें ताकि स्टार्टअप संस्कृति को सरलता से आगे बढ़ाया जा सके।

यूपी बनेगा आईटी का अग्रणी प्रदेश: अजीत पाल

समारोह में प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के राज्यमंत्री अजीतपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। यूपी में बड़ी-बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास करना है जिसमें हर वर्ग, हर क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित हो। पूर्वांचल के युवाओं के लिए यह सॉफ्टवेयर पार्क महत्वपूर्ण उपलब्धि बनेगा। यहां के युवाओं को आईटी के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे और अपने क्षेत्र में ही रोजगार करने का अवसर प्राप्त होगा। गोरखपुर के युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।

निस्वार्थ संत के सीएम बनने से यूपी में आया रामराज्य: रविकिशन

सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि एक निस्वार्थ संत के मुख्यमंत्री बनने से उत्तर प्रदेश में रामराज्य आया है। यूपी बीमारू राज्य से उत्तम प्रदेश बना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि विकास के प्रतिमान गढ़ रहे गीडा में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के रूप में नई सौगात मिली है।

आठ साल में तीन गुना हुआ यूपी से सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट: अरविंद कुमार

समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपी में निवेश आ रहा है और यह सॉफ्टवेयर क्षेत्र के लोगों की भी पसंद बन रहा है। गोरखपुर में बना यह सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क आईटी के क्षेत्र में गुणवत्ता स्थापित करने तथा निर्यात बढ़ाने में सहयोग प्रदान करेगा। देश मे सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट 19 लाख करोड़ रुपये का है और यह विश्व में नम्बर एक है। यूपी से बीते आठ सालों में सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट तीन गुना हो गया है।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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