नीतीश कुमार के इस्तीफे पर तेजस्वी ने कसा तंज, बोले – ठग का शिकार हो गए CM
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने सोमवार को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
“नीतीश कुमार को ठगा गया”
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर कोई भी नेता दूसरे सदन में चुना जाता है तो उसे एक सदन से इस्तीफा देना पड़ता है, लेकिन इस मामले में नीतीश कुमार को ठगा गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला दबाव में लिया गया है और बिहार को भी ठगा गया है।
तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने बिहार की जनता को भी ठगा है। उन्होंने दावा किया कि वह पहले से कहते रहे हैं कि भाजपा सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देगी और अब वही हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में जनतंत्र और मशीन तंत्र का उपयोग किया गया।
मंत्रियों के रोने पर भी कसा तंज
तेजस्वी यादव ने मंत्री अशोक चौधरी को भी घेरा। जब उनसे यह सवाल किया गया कि नीतीश कुमार के इस्तीफे पर कई मंत्री और विधायक भावुक नजर आ रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि कौन क्या कर रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल लोग कैमरा देखकर ड्रामा करते हैं और अब सब कुछ हो चुका है, कुछ बाकी नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे और उन्हें केवल कुछ महीनों के लिए इस पद पर रखा गया था, जिसके बाद अब हटाने की तैयारी हो रही है। साथ ही उन्होंने बिजली की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि चुनाव के बाद इसे और महंगा कर दिया गया।
निशांत कुमार पर टिप्पणी से परहेज
निशांत कुमार के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन उस पर बात नहीं हो रही है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि यदि कोई युवा राजनीति में आता है तो वह उसका समर्थन करते हैं।
विधान परिषद से इस्तीफा
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए मनोनित होने के बाद यह चर्चा थी कि वह 30 मार्च को परिषद से इस्तीफा दे सकते हैं और सोमवार सुबह उन्होंने यह कदम उठा लिया। हालांकि, फिलहाल नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, जब तक नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता।

