Siddharthnagar News: मनरेगा लोकपाल पर अवैध वसूली का आरोप, ग्राम प्रधान संघ ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में विकास खंड डुमरियागंज के ग्राम पंचायत देईपार में मनरेगा (MGNREGA) कार्यों को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम प्रधान संघ सिद्धार्थनगर और अन्य संबंधितों ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर मनरेगा लोकपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का दावा है कि लोकपाल ने बिना स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखों की उचित जांच किए ही गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर ग्राम प्रधान और अन्य के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है, जो सरकार की मंशा के विपरीत और कानूनन गलत है।
प्रधान संघ सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा की अगुवाई में अन्य जिम्मेदारों ने 30 मार्च, 2026 को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024-25 में देईपार में पोखरा खोदाई और वर्ष 2025-26 में संतराम के बाग के सामने गड्ढा खुदाई ये दोनों पूरी तरह से अलग-अलग परियोजनाएं हैं। इन्हें ग्राम सभा के प्रस्ताव पर अलग-अलग वित्तीय वर्षों में स्वीकृति मिली थी। इसके बावजूद, मनरेगा लोकपाल द्वारा इन दोनों कार्यों को एक ही मानते हुए कार्रवाई कर दी गई, जो पूरी तरह से अनुचित है।
तकनीकी साक्ष्यों की अनदेखी, बिना जाँच के FIR
प्रधान संघ ने आगे बताया कि तकनीकी सहायक द्वारा स्थलीय निरीक्षण के बाद ही परियोजनाओं का प्राक्कलन (Estimate) तैयार किया गया था। इसके बावजूद, लोकपाल ने बिना किसी ठोस तकनीकी साक्ष्य के ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। यह कार्रवाई न केवल इन पदाधिकारियों के लिए अपमानजनक है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया पर भी सवालिया निशान खड़ा करती है।
मनरेगा लोकपाल पर यह भी आरोप है कि वे जनपद सिद्धार्थनगर में जमकर पक्षपात करते हैं। यही नहीं, उन पर आरोप है कि उन्होंने जनपद के सभी 14 ब्लॉकों में अपने ही आदमियों को बैठाया है। प्रधान संघ का दावा है कि लोकपाल इन्हीं आदमियों के जरिए कंप्लेंट (शिकायत) कराते हैं और फिर प्रधानों व सचिवों से सुविधा शुल्क (रिश्वत) वसूलते हैं। जो प्रधान या सचिव सुविधा शुल्क देने से इनकार कर देते हैं, लोकपाल उनके खिलाफ उल जलूल रिपोर्ट प्रस्तुत कर एफआईआर कराकर उन्हें परेशान करते हैं। यह आरोप अत्यंत गंभीर है और इसकी गहन जाँच की आवश्यकता है।
निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई स्थगित करने की मांग
प्रधान संघ ने डीएम से मामले की निष्पक्ष पुनः जांच, अभिलेखों व स्थलीय सत्यापन के आधार पर निर्णय लेने, और दोषमुक्त होने तक की जा रही कार्रवाई को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर प्रधान संघ के डुमरियागंज ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, तेजपाल, अजित कुमार, अहमद तारिक, सचिन शिक्कुमार, केशभान आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- जाकिर खान

