सैम पित्रोदा चुनावी प्रक्रिया पर उठाया सवाल, बोले- ईवीएम से भरोसा उठ चुका है
Sandesh Wahak Digital Desk: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने भारत की चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने साफ कहा कि देश में जिस तरह से चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं, उनकी पारदर्शिता को लेकर अब उन्हें यकीन नहीं रहा। पित्रोदा ने वोटिंग मशीन से लेकर सॉफ्टवेयर तक, हर स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई है।
चुनावी निष्पक्षता पर बात करते हुए पित्रोदा ने कहा कि ईवीएम (EVM), वीवीपीएटी (VVPAT), सॉफ्टवेयर में बदलाव और वोटर लिस्ट जैसी चीजों को जब एक साथ देखा जाता है, तो हेरफेर की गुंजाइश नजर आती है। उन्होंने कहा, मेरा भरोसा अब इस सिस्टम से उठ गया है। यह कहना मुश्किल है कि गड़बड़ी कहां और कितनी हो रही है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि भारत में चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी रह गए हैं।
आरक्षण के मुद्दे पर पित्रोदा ने समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े हर व्यक्ति को मदद मिलनी चाहिए, चाहे वह मुसलमान ही क्यों न हो। अपनी व्यक्तिगत पहचान का जिक्र करते हुए उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
अनजान पहचान: मैं खुद एक ओबीसी (OBC) का बेटा हूं, लेकिन अपनी पीढ़ी में मुझे इस बात का पता ही नहीं था। ग्रेजुएशन और नौकरी के बाद जब किसी ने टोका, तब मुझे अपनी इस पहचान का अहसास हुआ।
शिक्षा और स्वास्थ्य: उनका मानना है कि ओबीसी और मुस्लिमों को केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलनी चाहिए।
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