लखनऊ में घर लेने का सपना होगा पूरा, यहां बसने जा रहा है ‘नैमिष नगर’, जानें कब से शुरू होंगे आवेदन
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की महत्वाकांक्षी ‘नैमिष नगर’ योजना राजधानी के उत्तरी हिस्से के विकास का नया मॉडल बनने जा रही है। आईजीएम (IIM) रोड पर प्रस्तावित इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए एलडीए ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 2500 से अधिक किसानों ने अपनी जमीन देने के लिए सहमति पत्र जमा कर दिए हैं।

सितंबर 2026 से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने योजना की समयसीमा स्पष्ट करते हुए बताया। सितंबर 2026 में योजना के पहले दो सेक्टरों में भूखंडों (Plots) के लिए पंजीकरण खोल दिया जाएगा। प्राधिकरण के पक्ष में अब तक 150 हेक्टेयर भूमि का बैनामा हो चुका है, जबकि 430 हेक्टेयर भूमि के लिए सहमति पत्र प्राप्त हो चुके हैं।
इन 18 गांवों की बदलेगी तकदीर
योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव के अनुसार, बीकेटी (BKT) तहसील के 18 गांवों की लगभग 1486 हेक्टेयर भूमि इस महायोजना का हिस्सा बनेगी।
प्रभावित गांव: भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फरूखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि केवल आवासीय कॉलोनी ही नहीं, बल्कि इन गांवों के बुनियादी ढांचे (जैसे- संपर्क मार्ग, खेल मैदान, बारात घर, स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल) को भी सुदृढ़ किया जाएगा।

2 लाख लोगों का आशियाना और रोजगार के अवसर
नैमिष नगर महज एक हाउसिंग स्कीम नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित उपनगर (Sub-city) होगा।
सुविधाएं: चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट।
आर्थिक प्रभाव: इस योजना से लखनऊ के लॉजिस्टिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में भारी निवेश आने की उम्मीद है, जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

