सुप्रीम कोर्ट का अल्टीमेटम, सेंट्रल मार्केट से खुद हटा लें अवैध निर्माण, वरना चलेगा बुलडोजर

Sandesh Wahak Digital Desk: मेरठ की प्रसिद्ध सेंट्रल मार्केट (शास्त्रीनगर) के अवैध निर्माण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने दो टूक शब्दों में आदेश दिया कि व्यापारी 15 दिनों के भीतर खुद ही अवैध निर्माण हटा लें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फ्रंट और साइड का हिस्सा नियमानुसार खाली छोड़ना होगा, अन्यथा 15 दिन बाद प्रशासन बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

अदालत ने उन व्यापारियों को भी कोई राहत देने से इनकार कर दिया जिन्होंने अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए शमन शुल्क (Compounding Fee) जमा किया था। कोर्ट ने व्यापारियों को हिदायत दी कि वे आवास एवं विकास परिषद में जमा की गई अपनी धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन करें। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए आंखें खोलने वाला केस करार दिया है।

44 इमारतों पर पहले ही लग चुकी है सील

सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के अनुपालन में बुधवार को आवास एवं विकास परिषद ने बड़ी कार्रवाई की थी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मार्केट के 44 व्यावसायिक भवनों को पूरी तरह सील कर दिया गया था। इन इमारतों की सूची चौंकाने वाली है।

6 बड़े अस्पताल

6 स्कूल

4 बैंक्वेट हॉल (मंडप)

व्यापारियों ने जताया विरोध

प्रशासन की इस अचानक और बड़ी कार्रवाई से व्यापारियों में भारी आक्रोश है। सीलिंग के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने एकजुट होकर बृहस्पतिवार को मेरठ बंद का आह्वान किया था। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है।

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