Lucknow News: ‘शिक्षित’ ठगों का गिरोह बेनकाब, सरकारी शिक्षक पति-पत्नी और भाई गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ की स्वाट/सर्विलांस (उत्तरी जोन) और थाना माल की संयुक्त पुलिस टीम ने जनता को विश्वास में लेकर ठगी करने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसका मास्टरमाइंड और उसकी पत्नी प्रतिष्ठित सरकारी स्कूलों में अध्यापक के पद पर तैनात हैं। पुलिस ने गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी का सामान और वारदात में प्रयुक्त अर्टिगा कार बरामद की है।
वारदात का खुलासा: स्कूटी से उड़ाए थे 5 लाख
घटना की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 को हुई, जब वादी सुभाष चंद्र मौर्या ने तहरीर दी कि एक अर्टिगा कार सवार अज्ञात लोगों ने उनकी स्कूटी में रखे 5 लाख रुपये पार कर दिए। पुलिस ने गाड़ी नंबर (UP32QP8047) के आधार पर जांच शुरू की और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुँच गई। शुक्रवार तड़के काकराबाद अंडरपास के पास से घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया गया।
‘गुरुजी’ निकले ठगी के मास्टरमाइंड
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण समाज को हैरान करने वाला है। मो. अफसर (मास्टरमाइंड) जनपद बदायूं के प्राथमिक विद्यालय बौरा में सहायक अध्यापक है। इस पर पहले से ही लखनऊ और संतकबीरनगर में ठगी के कई मुकदमे दर्ज हैं। दानिशा फातिमा (पत्नी) यह लखनऊ के कालीचरन इंटर कॉलेज (ठाकुरगंज) में सरकारी अध्यापिका है। ठगी में प्रयुक्त अर्टिगा कार इसी के नाम पर रजिस्टर्ड है। मो. अजमल (भाई) भी अपने भाई और भाभी के साथ मिलकर ठगी के धंधे में शामिल था।
ठगी का तरीका: नकली सोना और असली लालच
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और उन्हें नकली सोने के बिस्किट या गहने दिखाकर असली बताकर बेच देते थे या उनके पैसे लेकर फरार हो जाते थे। समाज में “शिक्षक” की छवि होने के कारण लोग आसानी से इन पर भरोसा कर लेते थे।

पुलिस की बरामदगी
नकली सोना: 10 अदद नकली पीली धातु के बिस्किट (कुल 1 किलो) और 2 रोल्ड गोल्ड चैन।
असली सोना व कैश: 2 असली सोने के कड़े (कीमत ₹2.80 लाख), ₹29,500 नगद और ₹1.90 लाख की बैंक जमा पर्ची।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: 8 मोबाइल फोन और अलग-अलग कंपनियों के 16 सिम कार्ड।
वाहन: घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार (UP32QP8047)।
अपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी मो. अफसर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह गोमतीनगर, कृष्णानगर और गाजीपुर जैसे थानों में जालसाजी, धोखाधड़ी और चोरी के मामलों में पहले भी नामजद हो चुका है। पुलिस अब इनके बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की जांच कर रही है।
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