सपा का चुनाव आयोग पर ‘डिजिटल’ हमला, मतदाता सूची से नाम काटने पर उठाए सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (10 अप्रैल 2026) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों के 1.77 लाख से अधिक पोलिंग बूथों की सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हैं।

SOP और अपील की समय सीमा पर स्पष्टता की मांग

सपा ने मांग की है कि लांजिकल एरर, नो-मैपिंग, मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट के आधार पर जो नाम डिलीट किए गए हैं, उनकी पोलिंग बूथ वार सूची राजनैतिक दलों को तत्काल दी जाए। सपा ने मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, वे 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक (15 दिन) जिलाधिकारी के पास अपील कर सकें। ऑनलाइन और ऑफलाइन अपील के नियम, फीस और प्रक्रिया के बारे में चुनाव आयोग तत्काल SOP जारी करे ताकि मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाया जा सके।

मतदाता सूची में मिलीं ‘अजीब’ गड़बड़ियां

ज्ञापन में सपा ने मतदाता सूची की कुछ चौंकाने वाली त्रुटियों को प्रमाण के तौर पर पेश किया है।

इलाहाबाद दक्षिण (बूथ नं. 389): मतदाता शालिनी पाण्डेय (क्रमांक 802) के पिता का नाम बांग्ला भाषा में प्रिंट है।

इलाहाबाद दक्षिण (बूथ नं. 389): मतदाता मंजू पटेल (क्रमांक 337) की फोटो उल्टी छपी है।

गाजीपुर विधानसभा (बूथ नं. 102): मतदाता सत्येंद्र यादव (पुत्र हरिहर यादव) का नाम दो बार (क्रमांक 1047 और 1056) दर्ज है, जो डुप्लीकेट श्रेणी की गंभीर लापरवाही है।

घर-घर सत्यापन की मांग

सपा ने जोर दिया है कि अंतिम प्रकाशन के दौरान जो नए नाम जोड़े गए हैं (फॉर्म-6) और जो संशोधित किए गए हैं (फॉर्म-8), उनका घर-घर जाकर सत्यापन (Physical Verification) करना अनिवार्य है। पार्टी का कहना है कि इसके बिना चुनाव की शुचिता बरकरार नहीं रह सकती। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह ज्ञापन के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने सौंपा और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

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