Shine City Scam: चमन लाल दिवाकर जैसे करोड़पति पूर्व निदेशकों पर मेहरबानी
60 हजार करोड़ से ज्यादा के शाइन सिटी घोटाले की मनी लांड्रिंग जांच से ईडी का खुलेआम खिलवाड़
Shine City Scam: शाइन सिटी घोटाले के जरिये 60 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी की कलंक कथा लिखी गयी है। जो लोग महज साधारण दो पहिया से चलते थे। उनके पास भी टॉप मॉडल ऑडी जैसी तमाम लग्जरी कारें आ गयी हैं।
दुबई में बैठे गु्रप के भगोड़े सीईओ राशिद नसीम के कभी भरोसेमंद साथी रहे इन जालसाजों पर हाथ डालने से एजेंसियां कतरा रही हैं। खासतौर से मनी लांड्रिंग की जांच के दौरान इन लोगों पर मेहरबानी ईडी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करती है।
हाल ही में शाइन सिटी समूह के मुखिया और इस घोटाले के सरगना राशिद नसीम के फेसबुक पेज पर कम्पनी के पूर्व डायरेक्टर चमन लाल दिवाकर को लेकर एक पोस्ट सांझा की गयी। जिसमें कहा गया है कि मोटरसाइकिल से ऑडी क्यू 7, होंडा सिटी, इनोवा जैसी लग्जरी कारें शाइन सिटी की बदौलत आयी हैं। किराए के दो कमरों से आज गोमतीनगर में करोड़ों का विला (1/38 विवेकखंड) है।
कई कंपनियों में निदेशक है चमनलाल
चमनलाल ने कंपनी से 14 करोड़ रुपए लिए हैं। 4 करोड़ इनके निजी खातों में गए हैं। कंपनी के पैसों से कुछ जमीनें अपने नाम कराई हैं। ईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि 454 करोड़ एडवांस दिए, लैंड को काउंट नहीं किया। 361 करोड़ की ग्राहकों की रजिस्ट्री जांच में काउंट नहीं किया। सिर्फ 92 करोड़ की इन्वेंट्री पर ईडी ने रिपोर्ट लगाई। इन आंकड़ों में कितनी सत्यता है, यह तो ईडी और ईओडब्ल्यू जैसी एजेंसियों में बैठे अफसरों को बेहतर पता होगा।
लेकिन शाइन सिटी समूह से जुड़ी कंपनियों के पूर्व निदेशक चमन लाल दिवाकर ने घोटाले में हाथ जरूर काले कर रखे हैं। तभी करीब दर्जन भर मामले दर्ज हुए। फिर इसने राशिद नसीम के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया। सूत्रों की माने तो वर्तमान समय में इसकी हैसियत सौ करोड़ से ऊपर बताई जा रही है। इसने शाइन सिटी घोटाले में रिश्तेदारों के नाम पर खूब जमीनें खरीदी हैं।
खासतौर से दो रिश्तेदार खरीद-फरोख्त का प्रमुख हिस्सा हैं। लखनऊ के नेचर वैली, सोल्टायर सिटी, पैराडाइज गार्डन और सुल्तानपुर की सोलटाइरन सिटी जैसे प्रोजेक्टों के लिए बेहिसाब जमीनों की खरीद फरोख्त की कहानी के पीछे चमन लाल दिवाकर और उसके रिश्तेदारों का हाथ है। ईडी ने इसकी जांच करना जरुरी नहीं समझा।
श्यामलाल के नाम जमीनें ट्रांसफर कराने का खेल
चमन लाल दिवाकर ने प्रोजेक्टों के लिए रिश्तेदार के नाम पर काफी जमीनें खरीदीं और कम्पनी के एससी ओनर श्यामलाल के नाम ट्रांसफर कर दी। जब हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू को जमकर डांटा तो श्यामलाल की गिरफ्तारी हुई। लेकिन चमन लाल ईडी की गिरफ्त से फिलहाल दूर है। दूसरे एससी ओनर दुर्गा प्रसाद के मामले में भी यही हुआ। चमन लाल संग शुरू की गयी सांझे की कंपनियों को जब्त नहीं किया गया। चमन कुनबा कन्स्ट्रक्शन समेत कई फर्मों में डायरेक्टर बना हुआ है। कई इलाकों में कन्स्ट्रक्शन साइटें बताई जा रहीं हैं।
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