लखनऊ अग्निकांड: आराधना मिश्रा ने प्रशासन से पूछा ये तीखा सवाल, बोलीं- कांग्रेस देगी राहत सामग्री
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के विकासनगर/खुर्रमनगर इलाके में झुग्गी-झोपड़ियों में लगी भीषण आग ने शासन-प्रशासन के आपदा प्रबंधन के दावों की हवा निकाल दी है। घटना के 24 घंटे बाद भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इसी क्रम में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों का दुख साझा किया और सरकारी तंत्र की सुस्ती पर तीखे सवाल खड़े किए।
प्रशासन की ‘घोर लापरवाही’ पर बरसीं मोना
आराधना मिश्रा मोना ने मौके पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा “हैरानी की बात है कि घटनास्थल हाईवे के एकदम किनारे है, फिर भी दमकल विभाग को यहां पहुंचने में 3 घंटे क्यों लग गए? क्या प्रशासन की यही सक्रियता है?” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि घटना के एक दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई बड़ा अधिकारी मौके पर है और न ही पीड़ितों के लिए भोजन या टेंट की व्यवस्था की गई है। यहाँ तक कि जले हुए मवेशी भी अभी तक वहीं पड़े हैं।
निजी कोष से मदद और राहत का भरोसा
मानवीय संवेदना दिखाते हुए आराधना मिश्रा ने अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की ताकि पीड़ितों के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी की ओर से कल ही सभी पीड़ित परिवारों के लिए आवश्यक राहत सामग्री (राशन, कपड़े आदि) भेजी जाएगी। हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मिलकर उन्होंने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार से भारी मुआवजे की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
घटनास्थल पर आराधना मिश्रा के साथ कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें मीडिया विभाग के चेयरमैन सी.पी. राय, विधि विभाग के चेयरमैन अतुल आसिफ जमा रिजवी (रिंकू), मनीष श्रीवास्तव हिंदवी, वरिष्ठ नेता ओंकारनाथ सिंह, जिलाध्यक्ष रूद्र दमन सिंह (बब्लू), शहर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी, पार्षद मुकेश सिंह चौहान और पूर्व पार्षद शैलेन्द्र तिवारी बब्लू आदि शामिल रहे।
Also Read: ‘महिला आरक्षण के नाम पर जनगणना और पिछड़ों का हक चुरा रही भाजपा’, अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला

