महिला आरक्षण पर डिम्पल यादव का तीखा प्रहार, बोलीं- भाजपा की नीयत में खोट

Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (नारीशक्ति वंदन अधिनियम) पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिम्पल यादव ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार पर ‘भ्रांति फैलाने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इस विधेयक को महिलाओं के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि खुद को सत्ता में बनाए रखने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

‘जनगणना और परिसीमन’ के चक्रव्यूह पर घेरा

डिम्पल यादव ने सदन में स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सरकार की प्रक्रिया दोषपूर्ण है। “गृहमंत्री ने जनगणना का वादा किया था, लेकिन तीन साल में सिर्फ घरों की गिनती हुई है। 2024 से ही जनगणना क्यों शुरू नहीं की गई? अब जल्दबाजी दिखाकर संविधान संशोधन क्यों लाया जा रहा है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन की प्रक्रिया को उलझाकर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि महिलाएं 2029 में संसद न पहुंच सकें। परिसीमन में चुनाव आयोग को लगाना और 2011 की जनगणना को आधार बनाना संविधान को कमजोर करने की कोशिश है।

पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हक की मांग

सपा सांसद ने ‘कोटे के भीतर कोटा’ की मांग को दोहराते हुए कहा कि भाजपा आधी आबादी में शामिल SC-ST, अल्पसंख्यक और OBC महिलाओं को आरक्षण से वंचित रखना चाहती है। उन्होंने कहा, “जब तक जातीय जनगणना नहीं होगी, तब तक पिछड़ों और गरीबों को उनका वास्तविक हक और सम्मान नहीं मिल पाएगा।”

भाजपा की ‘गारंटी’ पर उठाए सवाल

डिम्पल यादव ने भाजपा के पुराने वादों की याद दिलाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “2 करोड़ रोजगार, किसानों की दोगुनी आय और यूपी में मुफ्त सिलेंडर की गारंटी का क्या हुआ? आवारा पशुओं की समस्या आज भी वैसी ही है।” उन्होंने कहा कि नोटबंदी से न आतंकवाद खत्म हुआ और न भ्रष्टाचार। सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं, लेकिन उन्हें शहीद का दर्जा और पेंशन देने में सरकार आनाकानी कर रही है।

महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर निशाना

सांसद ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा महिला सांसदों की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “हाथरस कांड, उत्तराखंड की अंकिता भंडारी की हत्या और मणिपुर की शर्मनाक घटना के समय भाजपा की महिला सांसद कहाँ थीं? उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और बच्चियाँ असुरक्षित हैं।”

उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का उदाहरण देते हुए कहा कि यूपी में सपा सरकार ने ही पंचायतों में SC, ST और OBC के साथ सामान्य वर्ग की महिलाओं को आरक्षण दिया था।

“भाजपा का दांव खाली जाएगा”

अंत में डिम्पल यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सत्ता जाने के डर से यह बिल लाई है, लेकिन यह चुनावी दांव खाली जाएगा। जनता भाजपा के दोहरे चरित्र को समझ चुकी है और अगले चुनाव में उनकी विदाई तय है।

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