Azamgarh News: 20 हजार घूस लेते दरोगा गिरफ्तार, मुकदमे से नाम हटाने के एवज में मांगी थी रकम
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption Organization) ने आज आजमगढ़ में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सरायमीर थाने में तैनात एक दरोगा को मुकदमे से नाम निकालने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
थाने के गेट पर ही दबोचा गया दरोगा
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की आजमगढ़ इकाई को बिलरियागंज निवासी अवनीश कुमार राय ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सरायमीर थाने में तैनात उप-निरीक्षक (SI) अभिषेक सिंह एक मुकदमे से उनका नाम बाहर करने के बदले अवैध धनराशि की मांग कर रहे थे।
17 अप्रैल को निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही दरोगा अभिषेक सिंह ने थाना सरायमीर के दक्षिणी गेट के सामने सड़क किनारे शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
कौन है आरोपी दरोगा?
गिरफ्तार उप-निरीक्षक अभिषेक सिंह पुत्र दामोदर सिंह, मूल रूप से जनपद चन्दौली के थाना धानापुर अंतर्गत ग्राम पपरौल के निवासी हैं। वर्तमान में वे आजमगढ़ के सरायमीर थाने में तैनात थे।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के सख्त निर्देशों के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन प्रदेश भर में सक्रिय है। विभाग का कहना है कि पुलिस महकमे में छिपे ऐसे काली भेड़ों पर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आरोपी दरोगा के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद से महकमे में हड़कंप मच गया है।
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