फिरोजाबाद डीएम को दिया 1.75 लाख का आईफोन, दबाव बनाकर करते हैं अनैतिक मांग
फिरोजाबाद में तैनात रहीं महिला तहसीलदार ने लगाई गंभीर आरोपों की झड़ी, सीएम से मांगा न्याय, आईएएस बिरादरी में हड़कंप
Sandesh Wahak Digital Desk: मैंने जो आईफोन दिया था, डीएम सर अभी भी वही यूज कर रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। बिल और बाकी डिटेल मेरे पास हैं, डीएम दबाव बनाकर नैतिक व अनैतिक मांग करते हैं, प्रताडि़त करने के लिए वेतन रोक रखा है।

महिला पीसीएस राखी शर्मा ने जैसे ही यह गंभीर आरोप फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन पर लगाए, आईएएस बिरादरी में हडक़ंप मचना तय था। महिला तहसीलदार द्वारा सीएम योगी से शिकायत और न्याय मांगने के बाद लखनऊ में बैठे शासन के बड़े अफसरों तक इस मामले की गूंज पहुंचने के बावजूद सभी ने चुप्पी साधना ज्यादा बेहतर समझा है।

फिरोजाबाद में टूंडला तहसीलदार के पद पर नियुक्त रहीं राखी शर्मा ने शुक्रवार को डीएम रमेश रंजन और उनके ओएसडी शीलेंद्र शर्मा पर भ्रष्टाचार से जुड़े संगीन आरोपों की मानो बौछार कर दी। शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि वह डीएम को 1.75 लाख का आई फोन दे चुकी हैं। इसके बाद भी डीएम द्वारा प्रताडि़त करने के लिए आठ महीने तक वेतन रोके रखा गया। जिससे उन्हें फरवरी में हाईकोर्ट जाना पड़ा था। गुरुवार शाम राखी शर्मा का तबादला इसी पद पर शिकोहाबाद हो गया।

डीएम दबाव बनाकर करते हैं अनैतिक मांग
इसके कुछ घंटे बाद राखी ने मीडिया के सामने डीएम व ओएसडी का नाम लेते हुए कहा कि इनके द्वारा राजस्व अफसरों को प्रताडि़त किया जाता है। हाईकोर्ट गईं तो कार्रवाई से बचने को रात में कोषागार खुलवाकर वेतन जारी किया गया। डीएम ने कार्यालय बुलाकर याचिका वापस लेने का दबाव भी बनाया। डीएम दबाव बनाकर नैतिक व अनैतिक मांग करते हैं। कई बातें ऐसी हैं, जो वह कैमरे के सामने सार्वजनिक रूप से नहीं कह सकतीं। दबाव बनाने के लिए उनके न्यायालय के आदेशों की भी जांच कराई जाती है। इन जांचों को मैनेज करने के लिए वह ओएसडी के जरिये डीएम को पिछले वर्ष चार नवंबर को 1.75 लाख रुपये का आई फोन दे चुकी हैं। अब ओएसडी आई वॉच की मांग कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि 4 नवंबर, 2025 की रात आगरा का मोबाइल शो-रूम देर रात तक खोले रखा गया। मुझे बार-बार फोर्स किया गया, सैलरी नहीं मिलने पर भी मैंने किसी तरह इंतजाम करके फोन खरीद कर दिया। फोन देने के बाद भी डीएम का मन था कि मैं बार-बार वहां जाऊं, गिड़गिड़ाऊं और भीख मांगू। कुछ चीजें मैं बोलना नहीं चाहती, मगर इनके कुछ नैतिक और अनैतिक आदेश हैं, उन्हें मैं पूरा करूं।
जो हो सकता था मैंने किया, जो नहीं हो सकता था, वो नहीं किया। हालांकि कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने राजस्व परिषद व मंडलायुक्त आगरा को पत्र भेजकर तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
सरकारी जमीनों में घोटाला, ‘सर’ की हिस्सेदारीतहसीलदार राखी शर्मा ने डीएम रमेश रंजन के ओएसडी और फिरोजाबाद कलेक्ट्रेट के बाबुओं पर करोड़ों की सरकारी जमीनों में घोटालों के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, सर (डीएम) की इसमें हिस्सेदारी है। जमीनों का गलत तरीके से बंटवारा किया गया है। मेरे पास जांच आयी तो निगेटिव रिपोर्ट देने का दबाव बनाया गया। निष्पक्ष जांच में बड़ा जमीन घोटाला सामने आ सकता है।
क्या कहते हैं आगरा के मंडलायुक्त
‘संदेश वाहक’ ने जब आगरा के मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप से इस गंभीर मामले पर पूछा कि क्या तहसीलदार द्वारा डीएम पर लगाए गए आरोपों की जानकारी आपको है। कोई कार्रवाई अभी तक हुई या नहीं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अभी दोनों से पूछ रहा हूं। शाम को तहसीलदार और डीएम के मामले के बारे में पता चला है।
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