ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का बड़ा एलान, यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था हुई रद्द

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को अब तक की सबसे बड़ी राहत दी है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने एक क्रांतिकारी फैसला लेते हुए राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। अब प्रदेश के सभी 3.5 करोड़ उपभोक्ताओं के मीटर सामान्य ‘पोस्टपेड’ मोड पर ही काम करेंगे। तकनीकी दिक्कतों और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए सरकार ने ‘उपभोक्ता देवो भवः’ के संकल्प के साथ यह कदम उठाया है।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद से ही उपभोक्ता परिषद और आम जनता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही थी। उपभोक्ताओं की प्रमुख शिकायतें थीं।

तेज रफ्तार: मीटर की रीडिंग सामान्य से कहीं ज्यादा तेज चलने का आरोप।

अचानक अंधेरा: बैलेंस खत्म होते ही बिना सूचना बिजली का कट जाना।

रीचार्ज में देरी: पैसा जमा करने के बावजूद आपूर्ति बहाल होने में घंटों का वक्त लगना।

संवैधानिक उल्लंघन: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लोकसभा में इसे ‘अनिवार्य नहीं’ बताने के बावजूद यूपी में इसे थोपा जा रहा था।

अब कैसे चलेगा सिस्टम? जानें नई व्यवस्था

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार, अब व्यवस्था पुरानी पोस्टपेड प्रणाली की तरह ही होगी।

मंथली बिलिंग: 1 से 30 तारीख तक की खपत का बिल अगले 10 दिनों में एसएमएस (SMS) या व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाएगा।

भुगतान की समय सीमा: बिल मिलने के बाद दी गई नियत तारीख तक उपभोक्ता को भुगतान करना होगा।

नो डिस्कोनेक्शन: विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि महीने के बीच में किसी भी स्थिति में बिजली न काटी जाए।

किस्त योजना: जिन उपभोक्ताओं का पुराना बकाया है, वे उसे 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे।

उपभोक्ता परिषद की जीत: FIR वापसी की मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले को सत्य की जीत बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए मांग की है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन उपभोक्ताओं पर मुकदमे दर्ज हुए थे, उन्हें वापस लिया जाए क्योंकि वे पावर कॉरपोरेशन की गलत नीतियों से आहत थे। राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर जबरन प्रीपेड मीटर थोपने वाले पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

ऊर्जा मंत्री का संदेश

“उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। जिन लोगों ने मोबाइल नंबर दर्ज नहीं कराया है, वे तत्काल करा लें ताकि बिल की जानकारी समय पर मिल सके।”

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