अग्निपरीक्षा में पास हुए सीएम विजय, 144 वोटों के साथ जीता विश्वास मत

Sandesh Wahak Digital Desk: तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर और रोमांचक घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार के पक्ष में 144 वोट पड़े, जबकि विरोध में केवल 22 सदस्यों ने मतदान किया। हालांकि, इस जीत के बीच सदन में तीखी नोकझोंक और विपक्षी दलों का भारी विरोध भी देखने को मिला।

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने सदन से वॉकआउट कर दिया। उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय पर सीधा हमला बोलते हुए सरकार की वैधता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन के पास वास्तव में बहुमत का आंकड़ा नहीं है और यह सरकार सौदेबाजी की राजनीति के दम पर टिकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, इंस्टाग्राम रील्स के जरिए शासन करने के बजाय मुख्यमंत्री को असल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

मद्रास हाईकोर्ट के आदेश और बागी विधायकों पर रार

बहस के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने दावा किया कि मद्रास हाईकोर्ट द्वारा तिरुपत्तूर विधायक पर लगाई गई रोक के बाद सत्ताधारी पक्ष की संख्या कम हो गई है। उन्होंने सरकार पर एआईएडीएमके (AIADMK) के बागी नेताओं से गुपचुप मुलाकात करने और अनैतिक रूप से समर्थन जुटाने का भी आरोप लगाया।

दूसरी ओर, एआईएडीएमके के भीतर भी दरार दिखी। पूर्व सीएम ई. पलानीस्वामी ने विश्वास प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले गुट ने सरकार के पक्ष में मतदान कर विजय सरकार की राह आसान कर दी। इसी सत्र के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने का मुद्दा भी गूँजा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।

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