‘मैं विजय से क्यों जलूंगा?’, तमिलनाडु चुनाव के बाद रजनीकांत ने तोड़ी चुप्पी
Sandesh Wahak Digital Desk: तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के बाद साउथ सिनेमा के दो दिग्गज नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
सुपरस्टार विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद, अभिनेता रजनीकांत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
इन अफवाहों पर अब खुद रजनीकांत ने चुप्पी तोड़ते हुए साफ और बेबाक बयान दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले रजनीकांत
रजनीकांत ने 17 मई को चेन्नई स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन आरोपों का जवाब दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि वे मुख्यमंत्री विजय से ‘जलते’ हैं।
उन्होंने कहा, “अगर मैं इन अफवाहों पर जवाब नहीं दूंगा तो लोग इन्हें ही सच मान लेंगे। मैं राजनीति से ऊपर इंसानी रिश्तों को रखता हूं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव नतीजों के बाद वे पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से मिलने गए थे, जिस पर भी बेवजह आलोचना हुई।
रजनीकांत ने कहा कि उनकी और स्टालिन की दोस्ती राजनीति से कहीं ऊपर है और स्टालिन की हार से उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख हुआ।
विजय को पहले ही दे चुके हैं बधाई
इस आरोप पर कि उन्होंने टीवीके (TVK) की जीत के बाद विजय को बधाई नहीं दी, रजनीकांत ने कहा, “सोशल मीडिया पर कहा गया कि मैंने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई नहीं दी, जबकि यह सच नहीं है। मैंने उन्हें एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पहले ही शुभकामनाएं दे दी थीं।”

उन्होंने अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि न तो उन्होंने विजय के खिलाफ कोई बयान दिया और न ही किसी राजनीतिक गठजोड़ की कोशिश की।
‘रजनी कोई घटिया इंसान नहीं है’
रजनीकांत ने दो टूक कहा, “रजनी कोई घटिया या निचले दर्जे का इंसान नहीं है जो बेवजह टिप्पणी करे। मैं राजनीति में हूं ही नहीं, तो विजय से जलने का सवाल ही कहां उठता है?”
हल्के अंदाज़ में उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कमल हासन मुख्यमंत्री बनते, तो शायद थोड़ी ‘प्रतिस्पर्धी जलन’ हो सकती थी।
विजय की खुलकर तारीफ
रजनीकांत ने मुख्यमंत्री विजय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि 52 साल की उम्र में उन्होंने एमजी रामचंद्रन और जूनियर एनटीआर से भी ज्यादा राजनीतिक सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा, “उन्होंने केंद्र में BJP और राज्य की दो बड़ी पार्टियों का सामना कर जीत दर्ज की। यह आसान नहीं था। विजय से बहुत उम्मीदें हैं और मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।”
10 मई को विजय ने ली थी शपथ
गौरतलब है कि विजय ने 10 मई को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा था कि वे राजनीति में धन कमाने नहीं आए हैं और कभी भी सार्वजनिक धन का दुरुपयोग नहीं करेंगे।
रजनीकांत के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि दोनों दिग्गजों के बीच किसी तरह की राजनीतिक या व्यक्तिगत खटास नहीं है और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं महज अफवाहों तक सीमित थीं।

