‘हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल बचेंगे…’, बिना दर्शकों के IPL कराने की मांग CTI ने खेल मंत्री को लिखा पत्र

Sandesh Wahak Digital Desk: 31 मार्च से शुरू हुए Indian Premier League (IPL) के 19वें सीजन को लेकर अब ईंधन खपत और यात्राओं पर सवाल उठने लगे हैं।

अब तक टीमों ने हवाई और सड़क मार्ग से लाखों किलोमीटर का सफर तय किया है। मौजूदा शेड्यूल के अनुसार अलग-अलग शहरों में लगातार मैच होने के कारण यह यात्रा जरूरी तो है, लेकिन मौजूदा हालात में इसे देश की अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

इसी मुद्दे को उठाते हुए दिल्ली और देश के व्यापारियों व उद्यमियों के शीर्ष संगठन Chamber of Trade and Industry (CTI) के चेयरमैन Brijesh Goyal ने रविवार (17 मई) को केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya को एक पत्र लिखा है।

पत्र में उन्होंने मांग की है कि आईपीएल के बचे हुए मुकाबलों के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि हवाई यात्राओं में कटौती हो सके और सीमित मैदानों पर बिना दर्शकों के मैच कराए जाएं।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया

CTI का कहना है कि जब सभी सरकारी विभाग, राजनेता, अधिकारी और आम नागरिक Narendra Modi की अपील पर फिजूलखर्ची से बचने की कोशिश कर रहे हैं, तब आईपीएल जैसा बड़ा आयोजन फिलहाल किसी संकट से अछूता नजर आ रहा है।

संगठन के मुताबिक, अगर मैच बिना दर्शकों के कराए जाएं तो लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की बचत हो सकती है और देश पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।

क्या बिना दर्शकों के होंगे मुकाबले?

CTI ने तर्क दिया है कि कोरोना काल में भी आईपीएल का आयोजन सीमित मैदानों पर और बिना दर्शकों के सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

आमतौर पर एक आईपीएल मैच में औसतन 50 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंचते हैं, जिनके आने-जाने से हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है।

हवाई यात्राओं से हो रही भारी ईंधन खपत

CTI के अनुसार, आईपीएल टीमों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले चार्टर्ड विमान—जैसे बोइंग 737 या एयरबस A320—औसतन प्रति घंटे 2400 से 3000 लीटर एविएशन फ्यूल (ATF) खर्च करते हैं।

यदि उड़ान लगभग दो घंटे की हो, तो एक फ्लाइट में 5000 से 6000 लीटर ईंधन की खपत होती है। विमान बड़ा होने या लंबी दूरी व अधिक वजन के साथ उड़ान भरने पर यह आंकड़ा 7000 से 8000 लीटर तक भी पहुंच सकता है।

संगठन का आकलन है कि यदि टीमों की लगभग 10 हवाई यात्राओं को जोड़ा जाए, तो एक टीम करीब 50 हजार से 70 हजार लीटर एविएशन फ्यूल खर्च कर रही है।

इसी आधार पर CTI ने सरकार से अपील की है कि राष्ट्रीय हित में आईपीएल के आयोजन को लेकर व्यावहारिक और संसाधन-संरक्षण वाला फैसला लिया जाए।

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