नीट पेपर लीक को लेकर जयपुर की सड़कों पर कांग्रेस का हल्लाबोल, दिल्ली में संसदीय कमेटी के सामने तलब हुए NTA चीफ

Sandesh Wahak Digital Desk: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में घमासान चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ जहाँ विपक्ष सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, वहीं दूसरी तरफ इस महाघोटाले की जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। गुरुवार को दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक (चीफ) संसद की स्थायी समिति (पार्लियामेंट्री कमेटी) के समक्ष पेश हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को भी तलब किया है। संसदीय समिति एनटीए चीफ से सीधा सवाल कर रही है कि जब परीक्षा के फुल प्रूफ होने के दावे किए गए थे, तो इतनी बड़ी चूक और पेपर लीक कैसे हो गया?

जयपुर में सड़कों पर संग्राम, पुलिस ने चलाईं पानी की बौछारें

संसदीय घेराबंदी के बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कों पर आज जोरदार सियासी संग्राम देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीट धांधली के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्यालय की तरफ एक विशाल विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। जब आक्रोशित प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए, तो पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा।

आगामी 21 जून को होने वाली नीट की दोबारा परीक्षा से ठीक एक महीने पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की तफ्तीश में चौंकाने वाले राजफाश हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि बच्चों को डॉक्टर बनाने की अंधी दौड़ में शामिल संपन्न माता-पिता पेपर लीक करने वाले गिरोह को ब्लैंक चेक तक सौंप देते थे, ताकि मनमाफिक रकम भरकर लीक पेपर हासिल किया जा सके। इस पूरे रैकेट का केंद्र महाराष्ट्र का लातूर जिला बनकर उभरा है, जो पिछले 5-6 सालों में नीट कोचिंग का बड़ा हब बन चुका है।

जांच के रडार पर आए आरसीसी कोचिंग सेंटर के मालिक शिवराज मोटेगांवकर एंड कंपनी का वसूली गेम कोचिंग की आड़ में चल रहा था। पेपर के लिए 5 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक के सौदे होते थे। गिरोह गारंटी के तौर पर पैरेंट्स के मूल दस्तावेज और ब्लैंक चेक अपने पास रख लेता था। परीक्षा के बाद जब असली पेपर लीक किए गए सवालों से मैच कर जाता था, तब पूरी पेमेंट वसूली जाती थी। इस सिंडिकेट के जरिए करोड़ों की काली कमाई कर 8 एकड़ जमीन पर नया स्कूल-कॉलेज खड़ा किया जा रहा था। सीबीआई ने लातूर में मुख्य आरोपी मोटेगांवकर के बेटे से 10 घंटे तक मैराथन पूछताछ की है। इस जालसाजी की जद में कई डॉक्टर, रसूखदार पैरेंट्स और छात्र आ चुके हैं और अब तक मास्टरमाइंड समेत 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

Also Read: Sambhal News: बुजुर्ग महिला से दरिंदगी करने वाला मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Get real time updates directly on you device, subscribe now.