नैनीताल के भवाली में गहरी खाई में गिरी यूपी की कार, एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 5 की मौत
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में गुरुवार दोपहर को एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना घटित हुई। यहाँ के सेनिटोरियम-रातीघाट बाईपास मार्ग पर ढैला गांव के पास उत्तर प्रदेश के नंबर वाली एक अनियंत्रित कार सड़क से फिसलकर करीब 100 मीटर नीचे सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार दो महिलाओं, दो पुरुषों और एक बच्चे समेत सभी पांच लोगों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
डेढ़ घंटे बाद शुरू हो सका रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के रजिस्ट्रेशन नंबर (UP 32 QU 1874) वाली यह कार भवाली से रातीघाट की तरफ आगे बढ़ रही थी। तभी अचानक ढैला गांव के तीखे मोड़ के पास ड्राइवर कार पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। दुर्घटनास्थल घने जंगल के बीच होने की वजह से काफी देर तक किसी को इस हादसे की भनक तक नहीं लगी।
काफी समय बीतने के बाद जब स्थानीय ग्रामीणों की नजर नीचे खाई में क्षतिग्रस्त पड़ी कार पर गई, तब जाकर पुलिस को अलर्ट किया गया। सूचना पाते ही नैनीताल के एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्रा, सीओ रविकांत सेमवाल और कोतवाल प्रकाश मेहरा भारी पुलिस फोर्स व एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, रास्ता बेहद दुर्गम होने के चलते राहत दल को नीचे पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत करनी पड़ी।
लखनऊ के ड्राइवर सहित खटीमा के पूरे परिवार का अंत
रेस्क्यू टीम जब खाई में उतरी तो कार के भीतर सभी पांचों लोग दम तोड़ चुके थे। कड़ी मशक्कत के बाद सभी के शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान उधम सिंह नगर के खटीमा निवासी भूपेंद्र सिंह चुफाल (48 वर्ष), उनकी पत्नी सीमा कैड़ा चुफाल (45 वर्ष), उनके 19 साल के बेटे वासु चुफाल और 12 साल की बेटी रवी चुफाल के रूप में हुई है। वहीं, कार चला रहे ड्राइवर की पहचान अनुज कुमार मिश्रा (34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो लखनऊ के आलमनगर (अफसर नगर) का रहने वाला था।
बताया जा रहा है कि यह परिवार गर्मियों की छुट्टियां बिताने और घूमने के उद्देश्य से नैनीताल आया हुआ था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस बाईपास मार्ग पर कई बेहद खतरनाक और अंधे मोड़ हैं, जहां सुरक्षा दीवारें न होने से अक्सर ऐसे जानलेवा हादसे होते रहते हैं। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचना दे दी है।

