OFS के जरिए इस सरकारी बैंक में अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने जा रही है सरकार

Sandesh Wahak Digital Desk : सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर आज बाजार में निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बने रह सकते हैं। केंद्र सरकार ने बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी। सरकार का यह कदम डिसइन्वेस्टमेंट प्लान और बैंक में सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, OFS 22 मई 2026 को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि 25 मई 2026 को रिटेल निवेशक और बैंक कर्मचारी इसमें हिस्सा ले सकेंगे। इस OFS के लिए सरकार ने 31 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो बैंक के पिछले बंद भाव 33.94 रुपये से करीब 8.5% कम है।

सरकार पहले चरण में 4% हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी ग्रीन शू ऑप्शन के तहत रखी गई है। अगर निवेशकों की मांग ज्यादा रहती है, तो कुल 8% हिस्सेदारी की बिक्री की जा सकती है। फिलहाल बैंक में सरकार की हिस्सेदारी करीब 89.27% है।

रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों को भी मिलेगा मौका

इस OFS में रिटेल निवेशकों और बैंक कर्मचारियों के लिए भी खास प्रावधान किए गए हैं। कुल शेयरों में से कम से कम 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है। वहीं, बैंक कर्मचारियों के लिए 75 लाख शेयर अलग से रखे गए हैं। कर्मचारी अधिकतम 5 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

रिटेल निवेशकों को कट-ऑफ प्राइस पर बोली लगाने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे उनकी भागीदारी आसान हो सकती है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डिस्काउंट प्राइस पर शेयर उपलब्ध होने के कारण निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि OFS के ऐलान के बाद बैंक के शेयरों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी जुटाने और हिस्सेदारी संतुलित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

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