गोरखपुर में दबोचा गया वन्यजीवों का अंतरराज्यीय तस्कर, 100 दुर्लभ तोते बरामद

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित और संरक्षित वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यूपी एसटीएफ को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ की टीम ने गोरखपुर जिले से अंतरराज्यीय स्तर पर पक्षियों की तस्करी करने वाले एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के पास से दुर्लभ रोजरिंग (रोज-रिंग्ड पैराकीट) प्रजाति के 100 तोते बरामद किए गए हैं, जिन्हें बेहद अमानवीय तरीके से झोलों में बंद करके तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।

बस स्टैंड से दबोचा गया तस्कर आमिर

एसटीएफ को लंबे समय से यह खुफिया जानकारी मिल रही थी कि राज्य में प्रतिबंधित पक्षियों और वन्यजीवों की तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है, जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीमों को अलर्ट किया गया था। इसी कड़ी में शनिवार की रात करीब 9:30 बजे उपनिरीक्षक हरीश सिंह चौहान, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार यादव, पवन सिंह विशेन और सुनील कुमार यादव की टीम को सटीक इनपुट मिला कि एक तस्कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित तोतों को लेकर गोरखपुर से पटना (बिहार) जाने की तैयारी में है। एसटीएफ ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए वन विभाग की तिलकोनियां रेंज की टीम को साथ लिया और गुलहरिया थाना क्षेत्र के नंदानगर बस स्टैंड (एयरपोर्ट के पास) घेराबंदी कर दी। मुखबिर की निशानदेही पर टीम ने मौके से आमिर नामक तस्कर को दबोच लिया, जो अपनी टीवीएस जुपिटर स्कूटी (रजिस्ट्रेशन संख्या: UP53EE2285) पर एक पिंजरा और तीन झोलों में 100 तोते लादे हुए था।

मुनाफे के लिए बने तस्कर

पकड़े गए अभियुक्त आमिर (पुत्र अब्दुल कादिर, निवासी तिवारीपुर, गोरखपुर) ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कुबूल किया कि उसका परिवार कई पीढ़ियों से पक्षियों के व्यापार से जुड़ा हुआ है। लेकिन पिछले कुछ समय से सामान्य पक्षियों के कारोबार में घाटा होने और मुनाफा कम होने के कारण उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर प्रतिबंधित और संरक्षित पक्षियों की तस्करी शुरू कर दी। इस अवैध धंधे में भारी कमाई और मोटी रकम मिलने की वजह से वे इस दलदल में गहरे धंसते चले गए।

तस्कर आमिर ने बताया कि वे लोग उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और गोरखपुर के घने व संरक्षित जंगलों से स्थानीय शिकारियों के जरिए भारी मात्रा में दुर्लभ तोते और अन्य प्रतिबंधित पक्षी जाल बिछाकर मंगवाते थे। इसके बाद इन पक्षियों को क्रूरतापूर्वक छोटे-छोटे झोलों में ठंसकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों सहित बिहार और पश्चिम बंगाल के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेच दिया करते थे। एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों और खरीदारों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

वन विभाग की गोरखपुर रेंज (तिलकोनियां) ने आरोपी के खिलाफ वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की सख्त धाराओं 2, 9, 16(घ), 39, 48, 49(ख), 50 और 57 के तहत केस संख्या 08/26 पंजीकृत कर लिया है। बरामद किए गए सभी 100 तोतों को वन विभाग की देखरेख में सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी और विधिक कार्यवाही वन प्रभाग द्वारा की जा रही है।

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