चौधरी चरण सिंह के रास्ते पर चलकर ही देश का विकास संभव है: उस्मान शाह

Kanpur News: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) कानपुर नगर और चौधरी चरण सिंह स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आज किसानों के मसीहा व भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 39वीं पुण्यतिथि पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कानपुर के रामादेवी चौराहा, घंटाघर चौराहा और गंगा बैराज स्थित चौधरी साहब की प्रतिमाओं पर विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया और गगनभेदी नारों के बीच पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत मौजूदा राजनीति में चौधरी चरण सिंह की सार्थकता विषय पर एक भव्य विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

किसानों की खुशहाली ही बेरोजगारी का एकमात्र हल: सुरेश गुप्ता

संगोष्ठी में अध्यक्षीय भाषण देते हुए राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने देश के मौजूदा हालातों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने बेरोजगारी एक विकराल समस्या बनकर खड़ी है। इसका एकमात्र और सबसे कारगर समाधान चौधरी साहब द्वारा दिखाया गया रास्ता है, जिसमें उन्होंने लघु एवं कुटीर उद्योगों को देश की रीढ़ बताया था।

उन्होंने चौधरी साहब के ऐतिहासिक कथन को दोहराते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह हमेशा कहते थे कि देश की खुशहाली का रास्ता गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। जब तक हमारा अन्नदाता और कृषि क्षेत्र समृद्ध नहीं होगा, तब तक देश खुशहाल नहीं हो सकता।

नैतिक मूल्यों की प्रतिमूर्ति थे चौधरी साहब: अनिल दीक्षित

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने चौधरी साहब के प्रशासनिक सुधारों और उनकी ईमानदारी को नमन किया। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब जातिवाद के घोर विरोधी और शुचिता की राजनीति के प्रतीक थे। अपने मुख्यमंत्रित्व काल के एक बड़े फैसले को याद करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत के समय से ही देश में नहर की पटरियों पर आम जनता के चलने पर प्रतिबंध था और ऐसा करने पर जुर्माना देना पड़ता था। चौधरी साहब ने किसानों और ग्रामीणों के दर्द को समझा और मुख्यमंत्री बनते ही इस औपनिवेशिक कानून को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

रालोद के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान ने संगोष्ठी का संचालन करते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी संपन्न हो सकता है जब उसके ग्रामीण क्षेत्रों का वास्तविक विकास हो और ग्रामीण आबादी की क्रय शक्ति (बाइंग कैपेसिटी) मजबूत हो। किसान रात-दिन कड़ा परिश्रम करता है, लेकिन उसे अपनी फसलों का उचित लाभ नहीं मिल पाता, जिसे देखना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

रालोद के प्रदेश महामंत्री नीरज सिंह चंदेल (एडवोकेट) ने चौधरी साहब के ऐतिहासिक कार्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि उन्होंने पिछड़ों और परिगणित जातियों के उत्थान के लिए मंडल आयोग की नींव रखी थी। केंद्र में मंत्री रहते हुए उन्होंने ही सबसे पहले रेल कर्मचारियों को बोनस देने की शुरुआत कराई थी। इसके अलावा ग्रामीण बेरोजगारों के लिए ‘काम के बदले अनाज’ और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए ‘अंत्योदय योजना’ की शुरुआत भी उन्हीं के विजन का परिणाम थी।

इस गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से विनोद शुक्ला, प्रमोद विश्वकर्मा, विकास जायसवाल, अवधेश सोनकर, शिवांग मिश्रा, ब्रजराज सिंह राजावत, रॉबिन गुप्ता, नफीस इदरीसी, सुषमा वर्मा, अमित गुप्ता और आदर्श गुप्ता सहित सैकड़ों रालोद कार्यकर्ता और किसान नेता मौजूद रहे।

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