UP Panchayat Chunav की तारीख पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से माँगा जवाब

UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होंगे, इस सवाल का जवाब न सरकार दे पाई है और न चुनाव आयोग। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को इस टालमटोल पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को घेर लिया। कोर्ट ने साफ कहा कि 10 जुलाई तक पंचायत चुनाव की संभावित तारीख बताई जाए और OBC आयोग की रिपोर्ट भी अदालत के सामने रखी जाए।

यह सुनवाई अधिवक्ता ओम प्रकाश प्रजापति की याचिका पर हुई। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने मामले को सुना। याचिका में सरकार के 25 मई के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें 57,694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को उन्हीं के पद पर प्रशासक बना दिया गया।

प्रधान को प्रशासक बनाना कितना सही?

याचिकाकर्ता का कहना है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 के मुताबिक ग्राम प्रधान का कार्यकाल शपथ लेने के बाद से सिर्फ पाँच साल का होता है। सरकार ने वक्त पर चुनाव नहीं कराए और उन्हीं प्रधानों को प्रशासक बना दिया, जिससे उनका कार्यकाल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ जाता है जो कानूनन गलत है।
याचिका में ये माँगें रखी गई हैं:

  • अगर UP Panchayat Chunav समय पर नहीं हो सकते तो ADO पंचायत या किसी सरकारी अधिकारी को प्रशासक बनाया जाए
  • निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी न दी जाए।
  • सरकार 10 जुलाई तक चुनाव की तारीख सार्वजनिक करे।

राज्य सरकार के आदेश के बाद इन प्रधानों ने 27 मई से प्रशासक के तौर पर काम शुरू कर दिया है। सरकार ने इनके लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं:

  • कोई भी नया काम शुरू करने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के जरिये DM को प्रस्ताव भेजना होगा।
  • DM की मंजूरी के बाद ही नया काम हो सकेगा।
  • 27 मई से पहले स्वीकृत और चल रहे कामों का भुगतान पहले की तरह होता रहेगा।

OBC आयोग की रिपोर्ट के बिना चुनाव मुश्किल

UP Panchayat चुनाव की तारीख पर हाईकोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि OBC आरक्षण तय करने के लिए “ट्रिपल टेस्ट” फॉर्मूले का पालन जरूरी है। जब तक राज्य सरकार OBC आयोग नहीं बनाती और उसकी रिपोर्ट नहीं आती, तब तक पंचायतों में आरक्षण तय करना और चुनाव कराना कानूनी रूप से संभव नहीं है। OBC आयोग के गठन में देरी के चलते चुनाव प्रक्रिया समय पर शुरू होना मुश्किल दिख रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस बार सीधे रिपोर्ट तलब कर सरकार की मुश्किल और बढ़ा दी है।

अब सबकी नजर 10 जुलाई की सुनवाई पर टिकी है। सरकार को उस दिन तक UP Panchayat Chunav की संभावित तारीख भी देनी है और OBC रिपोर्ट भी पेश करनी है। जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो कोर्ट का रुख और कड़ा हो सकता है।

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