Prayagraj: SRN में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, मगर ट्रामा सेंटर में पसरा रहा सन्नाटा

Prayagraj News: प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की ढाई दिन से चल रही हड़ताल बुधवार दोपहर समाप्त हो गई। सर्जरी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ. मोनीश अली की रिहाई और अधिवक्ता जागृति शुक्ला मौत मामले में हाईकोर्ट द्वारा न्यायिक जांच के आदेश के बाद डॉक्टरों ने काम पर लौटने का फैसला किया। हालांकि हड़ताल खत्म होने के बावजूद अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकीं।

मंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SRN में बुधवार को भी आकस्मिक सेवाएं प्रभावित रहीं। ट्रामा सेंटर में दोपहर तक सेवाएं बंद रहने से सड़क हादसों में घायल और गंभीर मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। कई पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी टालने पड़े। ट्रामा सेंटर हड़ताल का मुख्य केंद्र होने के कारण वहां नए मरीजों को भर्ती नहीं किया गया।

भीषण गर्मी में मरीजों की बढ़ी परेशानी

लू और उमस भरी गर्मी के बीच दूर-दराज जिलों से इलाज कराने पहुंचे मरीज अस्पताल परिसर में भटकते नजर आए। कई वार्डों से मरीजों को छुट्टी दिए जाने के कारण अस्पताल के बेड खाली दिखाई दिए और कई विभागों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।

हड़ताल के दौरान अस्पताल प्रशासन ने वरिष्ठ चिकित्सकों और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की मदद से सेवाएं जारी रखने की कोशिश की। प्राचार्य डॉ. एके वर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह और उपप्राचार्य डॉ. मोहित जैन की पहल पर सुबह आठ बजे से नई बिल्डिंग और पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में ओपीडी संचालित की गई। कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों की छुट्टियां भी रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर बुलाया गया।

SRN: दो दिन बाद खुली OPD, 1600 से ज्यादा मरीज पहुंचे

हड़ताल के कारण दो दिन प्रभावित रहने के बाद शुरू हुई ओपीडी में कुल 1,623 मरीजों का इलाज किया गया। मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक 233 मरीज पहुंचे। इसके अलावा त्वचा रोग विभाग में 188, ईएनटी में 147, आर्थोपेडिक्स में 145 और हृदय रोग विभाग में 109 मरीजों को देखा गया।

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