Firozabad News: बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से गायब हुआ ग्राहकों का रखा सोना, मैनेजर समेत 3 पर FIR

Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद अंतर्गत अरांव थाना क्षेत्र से बैंकिंग जगत और आम जनता को हैरान कर देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ बैंक ऑफ इंडिया की भरौल शाखा के मुख्य लॉकर से ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए सोने के कुल 96 पैकेट रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। इस महाघोटाले और चोरी की भनक लगते ही बैंक मुख्यालय में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ऑफ इंडिया के आगरा क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक आदित्य प्रताप सिंह की तहरीर पर बुधवार रात अरांव थाने में तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बिना बताए गायब है मुख्य चाबी धारक कर्मचारी

फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक आदित्य लागेंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बैंक से प्राप्त शिकायत के अनुसार, भरौल शाखा के कर्मचारी और लॉकर की मुख्य चाबी अपने पास रखने वाले दिलीप कुमार (निवासी बासगांव, जिला इटावा) गत 27 मई से बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक से लापता हैं। उनके लगातार अनुपस्थित रहने के कारण बैंक का लॉकर संबंधी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे बैंक प्रबंधन को गहरा संदेह हुआ।

वीडियोग्राफी और पैनल वकील के सामने काटी गई दूसरी चाबी

लापता कर्मचारी दिलीप कुमार से जब बैंक अधिकारियों का कोई संपर्क नहीं हो सका, तो इसकी लिखित सूचना आगरा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी गई। इसके बाद 15 जून को मामले की आंतरिक जांच के लिए घिरोर ब्रांच के सीनियर सुरक्षा प्रबंधक अंकित और वरिष्ठ प्रबंधक (सुरक्षा) सुशील कुमार को विशेष तौर पर भरौल शाखा भेजा गया।

वहाँ दूसरी चाबी (डुप्लिकेट की) की व्यवस्था कर, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराते हुए और बैंक के पैनल अधिवक्ता शिव कुमार शर्मा की चश्मदीद मौजूदगी में लॉकर को खोला गया। जैसे ही लॉकर खुला, अधिकारी दंग रह गए, लॉकर के भीतर रखे गए ‘गोल्ड लोन’ से संबंधित सभी 96 पैकेट गायब थे। हालांकि, दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) में गायब सोने के सटीक वजन या उसकी कुल कीमत का जिक्र नहीं है, लेकिन बाजार मूल्य के अनुसार इसकी कीमत कई करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

तीन बैंक अधिकारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज

करोड़ों रुपये के सोना गायब होने के इस गंभीर मामले में पुलिस ने जांच के बाद तीन विभागीय लोगों संदीप यादव (तत्कालीन पूर्व शाखा प्रबंधक), दिलीप कुमार (कर्मचारी अधिकारी व मुख्य चाबी धारक, निवासी इटावा) और नरेश कुमार (क्रेडिट अधिकारी/कर्मचारी अधिकारी, निवासी हाथरस) को मुख्य आरोपी बनाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।

आरोपियों की गिरफ्तारी और सोना बरामदगी के लिए टीमें गठित

अरांव थाना प्रभारी ऋषि कुमार ने बताया कि बैंक की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में धोखाधड़ी और चोरी का मुकदमा दर्ज कर विस्तृत वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस की सर्विलांस और सर्विलांस (निगरानी) इकाई सहित कई विशेष टीमों को लगाया गया है। आरोपियों के संभावित ठिकानों और पैतृक आवासों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, ताकि गायब सोने को जल्द से जल्द बरामद कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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