CUET UG Result 2026: रिजल्ट का इंतजार खत्म, इस तारीख तक आ सकता है स्कोरकार्ड
CUET UG 2026 Result: देशभर के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 का परिणाम जल्द जारी हो सकता है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) स्कोरकार्ड जारी करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह परीक्षा 11 मई से 7 जून 2026 के बीच आयोजित की गई थी। परीक्षा में शामिल हुए छात्र अब अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी स्कोर के आधार पर दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय समेत देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आंसर की पर आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 11 जून थी। इसके बाद एनटीए ने सभी आपत्तियों की समीक्षा शुरू की। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार परिणाम 26 जून 2026 तक जारी किया जा सकता है। यदि किसी कारण से देरी होती है तो रिजल्ट जुलाई के पहले सप्ताह में भी आ सकता है। छात्रों को स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए आवेदन संख्या और जन्मतिथि की जरूरत होगी। फाइनल आंसर की भी रिजल्ट के साथ या उससे पहले जारी हो सकती है।
आवेदन में बना नया रिकॉर्ड
इस वर्ष CUET UG ने आवेदन संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। कुल 15,68,866 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जो पिछले वर्ष के लगभग 13.54 लाख आवेदनों से करीब 2.14 लाख अधिक है। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 3.70 लाख से अधिक आवेदन मिले। इसके बाद दिल्ली से करीब 1.39 लाख और बिहार से लगभग 1.34 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया।
परीक्षा में कुल 37 विषय शामिल थे, जिनमें 13 भाषा विषय, 23 मुख्य विषय और एक सामान्य योग्यता परीक्षा शामिल रही। अंग्रेजी सबसे लोकप्रिय विषय रहा, जिसे करीब 13 लाख छात्रों ने चुना। रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित और सामान्य योग्यता परीक्षा भी छात्रों की पसंद रहे।
कटऑफ को लेकर क्या है अनुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि आवेदन संख्या बढ़ने के कारण इस बार कटऑफ ऊंची जा सकती है। दिल्ली विश्वविद्यालय में बी.कॉम (ऑनर्स), बी.ए. अर्थशास्त्र (ऑनर्स) और राजनीति विज्ञान जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में सामान्य वर्ग के लिए 750 से 790 या उससे अधिक अंक तक कटऑफ जा सकती है। वहीं बीएचयू में 680 से 740 अंक और जेएनयू के विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों में 740 से 775 अंक तक का स्कोर मजबूत माना जा सकता है।
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों को सबसे पहले अपना अंकपत्र डाउनलोड कर सुरक्षित रखना चाहिए। इसके बाद संबंधित विश्वविद्यालयों की काउंसलिंग प्रक्रिया में समय पर पंजीकरण करना जरूरी होगा, क्योंकि दाखिला केवल स्कोरकार्ड से नहीं बल्कि विश्वविद्यालयों की मेरिट सूची और काउंसलिंग प्रक्रिया से तय होगा।

