लखनऊ अग्निकांड के बाद अयोध्या में हाई-अलर्ट, नियमों की अनदेखी पर सपा नेता की डिजिटल लाइब्रेरी सील

Ayodhya News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई, के बाद धार्मिक नगरी अयोध्या का जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए शहर में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और डिजिटल लाइब्रेरियों के खिलाफ एक सघन चेकिंग अभियान छेड़ा गया है। इसी कड़ी में अयोध्या विकास प्राधिकरण की टीम ने नियमों और मानकों का खुलेआम उल्लंघन करने के आरोप में समाजवादी पार्टी महिला सभा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लीलावती कुशवाहा से संबद्ध बताई जा रही एक डिजिटल लाइब्रेरी को मौके पर ही सील कर दिया।

कई केंद्रों पर लटके मिले ताले

अयोध्या विकास प्राधिकरण की विशेष टीमों ने शहर के अलग-अलग व्यावसायिक इलाकों में संचालित हो रहे शिक्षण संस्थानों और लाइब्रेरी परिसरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक अनुमतियों के अभाव और ले-आउट प्लान के विपरीत किए गए निर्माणों को लेकर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई। एडीए के इस कड़े रुख और अचानक हुई छापेमारी से नियम विरुद्ध संस्थान चलाने वाले कोचिंग संचालकों के बीच हड़कंप मच गया। कार्रवाई के डर से कई संस्थानों के संचालक जांच टीम के पहुंचने से पहले ही अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से रफूचक्कर हो गए।

इमारतों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को परखने के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के दिशा-निर्देश पर फायर विभाग ने भी मोर्चा संभाल लिया है। इसके लिए विभाग द्वारा दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। पहली टीम की कमान खुद अग्निशमन अधिकारी एपीसी संभाल रहे हैं, जबकि दूसरी टीम स्टेशन अधीक्षक के नेतृत्व में शहर के चप्पे-चप्पे पर मौजूद कोचिंग संस्थानों का भौतिक सत्यापन और सुरक्षा ऑडिट कर रही है।

अयोध्या में सिर्फ 36 कोचिंग संस्थान ही पंजीकृत

अग्निशमन विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अयोध्या शहर में वर्तमान में केवल 36 कोचिंग सेंटर ही विभाग के पास विधिवत पंजीकृत हैं, जिन्हें पूर्व में सभी आवश्यक फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करने के बाद एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) जारी की गई थी। अब इन पंजीकृत संस्थानों के प्रमाणपत्रों और वहां मौजूद संसाधनों की भी नए सिरे से री-चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

इमरजेंसी एग्जिट और उपकरणों की हो रही जांच

जांच अभियान के दौरान अधिकारी मुख्य रूप से आग बुझाने वाले सिलेंडरों की वैधता (फायर उपकरणों की कार्यक्षमता), आपातकालीन निकास द्वारों (इमरजेंसी एग्जिट), वेंटिलेशन और अन्य सुरक्षा पैमानों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि बिना वैध पंजीकरण या बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के चल रहे किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान तब तक निरंतर जारी रहेगा जब तक सभी संस्थान पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, क्योंकि छात्र-छात्राओं की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Also Read: छापेमारी में टीएमसी नेता के करीबी के घर से 3 किलो सोना बरामद

Get real time updates directly on you device, subscribe now.