पहले इस्तीफा, फिर राष्ट्रपति से मिले PM, क्या मोदी सरकार में होने वाला है बड़ा फेरबदल

PM Modi President Meeting: मोदी सरकार 3.0 में पहला इस्तीफा सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इस्तीफे के कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति भवन पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है और अब बड़े कैबिनेट फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं।

क्यों देना पड़ा इस्तीफा

जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें दोबारा नामांकन नहीं दिया। संवैधानिक नियमों के अनुसार संसद सदस्य न रहने पर मंत्री पद छोड़ना आवश्यक होता है। राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर बताया कि संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है। कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। उन्हें मोदी सरकार में भाजपा का प्रमुख ईसाई चेहरा माना जाता था।

क्या होने वाला है बड़ा फेरबदल

सूत्रों के अनुसार, संसद के मॉनसून सत्र से पहले मंत्रिपरिषद में व्यापक बदलाव हो सकता है। चर्चा है कि 30 से 40 प्रतिशत मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। नए चेहरों को मौका मिलने के साथ कुछ नेताओं को संगठन में भी भेजा जा सकता है। पंजाब से भाजपा महासचिव तरुण चुघ का नाम चर्चा में है, जबकि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सहयोगी दलों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।

रवनीत सिंह बिट्टू, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को लेकर भी अटकलें हैं। वहीं अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और मनसुख मांडविया जैसे नेताओं के कुछ मंत्रालय नए मंत्रियों को दिए जा सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी किसी फेरबदल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। माना जा रहा है कि यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनावों, क्षेत्रीय संतुलन और ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति को ध्यान में रखकर किया जा सकता है।

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