Ram Mandir Donation: प्लॉट, लग्जरी गाड़ियां… चढ़ावे की रकम कहां-कहां लगी? जांच में बड़ा खुलासा
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं। पुलिस और SIT की जांच में ऐसे कई इनपुट मिले हैं, जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि चढ़ावे की कथित हेराफेरी से जुटाई गई रकम को प्लॉट, खेती की जमीन, लग्जरी गाड़ियां खरीदने और रिश्तेदारों के कारोबार में लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया। रविवार को पुलिस ने सात आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर उनकी संपत्तियों का आकलन भी किया।
SIT की रिपोर्ट में भी आशंका जताई गई है कि चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी लंबे समय से की जा रही थी। नोटों की गिनती और बंडलिंग से जुड़े कर्मचारियों ने कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी की और बाद में अपनी-अपनी समझ के मुताबिक उसे अलग-अलग जगह खपा दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि किसी ने मकान खरीदा, किसी ने खेती की जमीन ली, जबकि कुछ आरोपियों ने रिश्तेदारों को नकदी देकर उनके कारोबार में निवेश कराया, ताकि पैसों का स्रोत छिपा रहे।
संपत्तियों से लेकर रिश्तेदारों तक जांच का दायरा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अधिकांश आरोपी सिर्फ दो से ढाई साल पहले ही अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) की व्यवस्था से जुड़े थे, लेकिन इतने कम समय में उनकी जीवनशैली पूरी तरह बदल गई। किसी ने महंगी बाइक खरीदी तो किसी ने कार। एक आरोपी ने अयोध्या और फैजाबाद में अपने और रिश्तेदारों के नाम पर तीन प्लॉट तक खरीद लिए। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि एक रिश्तेदार के शिक्षा से जुड़े कारोबार में लाखों रुपये लगाए गए। अब इन सभी निवेशों की गहन जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का पुश्तैनी घर अयोध्या के स्वर्गद्वार इलाके में है। इसके अलावा उसका करीब 14 कमरों का हॉस्टल भी है, जिसे मंदिर निर्माण के दौरान एलएंडटी को किराये पर दिया गया था। परिवार का दावा है कि यह संपत्ति पहले से थी और इसका चढ़ावे के पैसों से कोई संबंध नहीं है। वहीं आरोपी अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित करीब 40 लाख रुपये के मकान की भी जांच की जा रही है। पड़ोसियों के मुताबिक, हाल के दिनों में उसके खर्च और रहन-सहन में बड़ा बदलाव देखने को मिला था।
बहराइच निवासी आरोपी रमाशंकर मिश्रा का परिवार अब भी बेहद साधारण जीवन जी रहा है। उसके पिता मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) में कीर्तन करते हैं और छोटे कमरों में रहते हैं। परिवार का कहना है कि रमाशंकर घर कम ही आता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं उसने अपनी संपत्ति किसी और के नाम पर तो नहीं बनाई।
बदली लाइफस्टाइल ने बढ़ाया शक
खंडासा निवासी करुणेश पांडेय और सूजागंज निवासी लवकुश मिश्रा की संपत्तियों की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सामान्य परिवारों से आने वाले इन युवाओं का रहन-सहन अचानक बदल गया था। महंगे कपड़े, लग्जरी गाड़ियां, रेसर बाइक और बढ़ता खर्च पहले ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका था।
गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से छह की उम्र 20 से 25 साल के बीच है। पुलिस का दावा है कि मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के खजाने से जुड़े काम की जिम्मेदारी मिलने के बाद इनकी नीयत बदल गई और चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की गई। मामले में अब तक करीब 80 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बाकी रकम कहां-कहां निवेश की गई और किन लोगों तक पहुंची।
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