राहुल गांधी के खिलाफ लगे माफीवीर के पोस्टर, BJP नेता ने ओरी और सॉरी मीम से साधा निशाना
Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने दिल्ली की सड़कों पर राहुल गांधी के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान से जुड़े मानहानि के एक पुराने मामले में राहुल गांधी द्वारा लिखित में खेद (माफी) जताए जाने के बाद उन्हें माफीवीर कहकर तंज कसा गया है।
पोस्टर का डिजाइन बेहद अनोखा और सोशल मीडिया ट्रेंड से प्रेरित है। पोस्टर में एक तरफ मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी की तस्वीर है, जिसके ऊपर लिखा है आई एम ओरी, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी की हाथ जोड़े हुए फोटो लगाई गई है, जिस पर लिखा है आई एम सॉरी। इन पोस्टरों में सबसे नीचे हाल ही में कोर्ट में दी गई कानूनी माफी का स्पष्ट रूप से हवाला दिया गया है। बग्गा ने इन पोस्टरों की तस्वीरों को अपने ऑफिशियल ‘एक्स’ (ट्विटर) अकाउंट पर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- “माफीवीर राहुल गांधी।”
क्या है 2018 का पूरा मामला
यह पूरा विवाद साल 2018 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कथित तौर पर पनामा पेपर्स घोटाले का जिक्र किया था और उसमें शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम घसीट लिया था। कार्तिकेय ने इसे अपनी छवि धूमिल करने की कोशिश बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए भोपाल की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता को समन जारी किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने इस समन और मानहानि की पूरी अदालती कार्यवाही को निरस्त कराने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
🎥 | Posters of Lok Sabha LoP and Congress MP #RahulGandhi, published by BJP leader #TajinderBagga, have been put up at Delhi's Mandi House.
The posters come after Rahul Gandhi expressed regret in a defamation case filed by Union Minister Shivraj Singh Chouhan's son.#Congress… pic.twitter.com/tonUtvOeTm
— The Statesman (@TheStatesmanLtd) July 2, 2026
हाईकोर्ट में लिखित खेद जताने के बाद बंद हुआ केस
हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में राहुल गांधी की ओर से दलील दी गई कि रैली में उनके द्वारा दी गई टिप्पणियां व्यक्तिगत रूप से कार्तिकेय सिंह के संदर्भ में नहीं थीं। इसके साथ ही उन्होंने उस विवादित बयान पर अपना लिखित अफसोस भी अदालत के सामने दर्ज कराया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राहुल गांधी द्वारा लिखित में खेद व्यक्त करने और कार्तिकेय चौहान की ओर से उसे स्वीकार कर लिए जाने के बाद इस आपराधिक मानहानि मामले की कार्यवाही को पूरी तरह से समाप्त करने का आदेश दे दिया। हालांकि, कानूनी तौर पर मामला खत्म होने के बावजूद भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और संसद से लेकर सड़क तक राहुल गांधी पर हमलावर है।
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