PM तक पैसा पहुंचने का सबूत नहीं, लेकिन… राम मंदिर मामले में केजरीवाल ने उठाए सवाल

Arvind Kejriwal On PM Modi: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में चढ़ावे और जमीन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि पैसा प्रधानमंत्री तक पहुंचा, लेकिन उनका आरोप है कि पूरे मामले में दोषियों को बचाने और लीपापोती की कोशिश की गई।

केजरीवाल ने कहा कि अगर इतने लंबे समय तक कथित गड़बड़ियां होती रहीं तो प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन वजहों से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

ट्रस्ट और 2021 के जमीन सौदे का किया जिक्र

AAP प्रमुख ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ और ट्रस्ट के सदस्यों का चयन भी उन्हीं की ओर से किया गया। उन्होंने चंपत राय का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें ट्रस्ट में अहम जिम्मेदारी दी गई।

केजरीवाल ने 2021 में सामने आए कथित जमीन सौदे का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि एक परिवार से करीब 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन को कुछ ही मिनटों बाद 18 करोड़ रुपये में मंदिर ट्रस्ट को बेच दिया गया। उन्होंने इस पूरे मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

SIT, CCTV और कमीशन के आरोपों पर भी सवाल

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकों में 40 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि 8 महीने की CCTV फुटेज हटा दी गई। साथ ही आरोप लगाया कि उन्हें सूत्रों से जानकारी मिली कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री को 12 रिपोर्ट भेजी थीं।

उन्होंने कहा कि बाद में गठित SIT और उसके बाद हुई कार्रवाई केवल दिखावे के लिए थी। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि आठ लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने रिमांड नहीं लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि आखिर दोषियों को बचाने की क्या मजबूरी है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.