एक बड़े अफसर के मैसेज के बाद हुआ था भरत तिवारी एनकाउंटर, तेजस्वी का सरकार पर आरोप
Tejashwi Yadav On Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने दावा किया कि एक बड़े अधिकारी ने संदेश भेजा था, जिसके बाद यह एनकाउंटर हुआ। उन्होंने कहा कि बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के ऐसी कार्रवाई संभव नहीं है, क्योंकि गृह विभाग भी उनके ही पास है।
डीएसपी ट्रांसफर और जांच पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को हटाए जाने और कुछ दिनों बाद नई पोस्टिंग दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा है और असली दोषियों को बचाया जा रहा है।
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अशोक चौधरी का पलटवार
तेजस्वी के आरोपों पर जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का इस एनकाउंटर से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार यह पूरी तरह पुलिस की कार्रवाई थी।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मामले की जांच होनी चाहिए और कुछ जगह पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं। सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच आयोग भी गठित किया है।
क्या है पूरा मामला
17 जून को भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। उससे पहले उसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह हथियार लहराते नजर आया था।
पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मारा, जबकि परिजनों का आरोप है कि उसने सरेंडर कर दिया था और उसे गोली मारी गई। इसके बाद 23 जून को पुलिस अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज किया गया।

