प्लास्टिक सर्जरी दुर्घटना और कैंसर पीड़ितों के लिए वरदान: डॉ. राजेश्वर सिंह

Lucknow News: समाज में प्लास्टिक सर्जरी को लेकर फैली रूढ़िवादिता और गलतफहमियों को दूर करने के लिए राजधानी में एक अनूठी पहल की गई। विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के उपलक्ष्य में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न्स विभाग द्वारा लखनऊ गोल्फ क्लब में एक भव्य जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। इस वॉक का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को प्लास्टिक सर्जरी की वास्तविक उपयोगिता और इसकी व्यापक चिकित्सा पद्धतियों से रूबरू कराना था।

हरी झंडी दिखाकर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया शुभारंभ

इस जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह शामिल हुए, जिन्होंने रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर और हरी झंडी दिखाकर वॉकाथॉन को रवाना किया। इस मौके पर लखनऊ गोल्फ क्लब के सचिव रजनीश सेठी भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।

यह वॉकाथॉन गोल्फ रेंज से प्रारंभ होकर ला मार्टिनियर टेनिस अकादमी तक गई और फिर वहां से वापस गोल्फ क्लब पर आकर समाप्त हुई। प्रतिभागियों ने करीब एक किलोमीटर की दूरी तय की। वॉकाथॉन में 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें एसजीपीजीआई के डॉक्टर्स, फैकल्टी मेंबर्स, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन, गोल्फ व टेनिस के खिलाड़ी और सुबह की सैर पर निकले मॉर्निंग वॉकर शामिल थे।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, प्लास्टिक सर्जरी को महज कॉस्मेटिक या खूबसूरती बढ़ाने के चश्मे से देखना गलत है। यह चिकित्सा विज्ञान की वह अनमोल शाखा है जो सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों, गंभीर रूप से झुलसे मरीजों, कैंसर पीड़ितों और एसिड अटैक सरवाइवर्स को समाज में दोबारा सम्मान से जीने का हौसला देती है। यह केवल शारीरिक बनावट ठीक नहीं करती, बल्कि व्यक्ति का खोया हुआ आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता लौटाती है।

विशेषज्ञों की अपील: संकोच छोड़ें और समय पर लें सही परामर्श

यह पूरी वॉकाथॉन एसजीपीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। वॉक के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. अग्रवाल ने इस दिवस की महत्ता और इसकी बारीकियों पर विस्तार से व्याख्यान दिया।

उन्होंने बताया कि विभाग में पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी), माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी, हैंड सर्जरी, क्रैनियोफेशियल सर्जरी, बर्न्स मैनेजमेंट और कैंसर के बाद अंगों को दोबारा ठीक करने जैसी जटिल सर्जरी आधुनिक तकनीकों से की जा रही हैं। डॉ. अग्रवाल ने जनता से अपील की कि यदि परिवार या आसपास किसी व्यक्ति को जन्मजात शारीरिक विकृति है, या किसी हादसे में कोई अंग क्षतिग्रस्त हुआ है, तो बिना किसी झिझक के विशेषज्ञ प्लास्टिक सर्जन से समय पर परामर्श लें। सही समय पर लिया गया डॉक्टरी फैसला मरीज को एक सामान्य और बेहतर कार्यक्षमता वाला जीवन दे सकता है।

Also Read: टीम इंडिया से अलग होना चाहता है ये कोच, गौतम गंभीर की टीम में नहीं मिला मनचाहा रोल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.