मोदी कैबिनेट की बड़ी सौगात: Semicon 2.0 से लेकर काशी के मेगा कॉरिडोर तक, जानिए 7 बड़े फैसले
Modi Cabinet News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे, शिपबिल्डिंग और वाराणसी के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी। इनमें सबसे बड़ा फैसला ₹1.27 लाख करोड़ के ‘Semicon 2.0’ कार्यक्रम को मंजूरी देना रहा।
इसके अलावा, वाराणसी में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर, मोबाइल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई PLI योजना और रेलवे समेत कई अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली।
1. ₹1.27 लाख करोड़ का Semicon 2.0
सरकार ने Semicon 2.0 कार्यक्रम के लिए ₹1,27,500 करोड़ मंजूर किए हैं। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर (चिप) डिजाइन और निर्माण को बढ़ावा देना है। मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, कार, ट्रेन से लेकर रक्षा उपकरणों तक लगभग हर आधुनिक तकनीक में इन चिप्स का इस्तेमाल होता है।
2. वाराणसी को मिले दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
काशी में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी मिली है।
- 43 किमी लंबा वरुणा एक्सप्रेसवे, जिसकी अनुमानित लागत ₹10,998 करोड़ होगी।
- 46 किमी लंबा गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, जिस पर करीब ₹14,448 करोड़ खर्च होंगे। इसमें एक आधुनिक केबल-स्टे ब्रिज भी बनाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।
3. मोबाइल PLI 2.0 के लिए ₹62,500 करोड़
सरकार ने मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल PLI 2.0 योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए ₹62,500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया का बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाना है। इस योजना से नए निवेश आने और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
4. गुजरात में बनेगा नया शिपबिल्डिंग क्लस्टर
कैबिनेट ने गुजरात के पोरबंदर में ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर बनाने का फैसला लिया है। इस परियोजना का मकसद भारत में जहाज निर्माण उद्योग को मजबूत करना और समुद्री क्षेत्र में देश की क्षमता बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश और रोजगार दोनों में बढ़ोतरी होगी।
5. वाडिनार में आधुनिक शिप रिपेयर सुविधा
गुजरात के वाडिनार में ₹1,570 करोड़ की लागत से आधुनिक जहाज मरम्मत (Ship Repair) सुविधा विकसित की जाएगी। इससे भारतीय जहाजों को मरम्मत के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और देश का समुद्री कारोबार भी मजबूत होगा।
6. ओडिशा-झारखंड में रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने ओडिशा और झारखंड में ₹3,907 करोड़ की लागत वाली दो रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से करीब 145 किलोमीटर नया रेलवे नेटवर्क विकसित होगा। सरकार के अनुसार इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक तेज और सुगम होगा।
7. नई यूरिया नीति (NIPU-2026) लागू होगी
सरकार ने राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026) को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत देश में नए गैस आधारित यूरिया संयंत्र लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यूरिया उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना है।
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