बदरीनाथ चढ़ावा विवाद में एक्शन, रजिस्टर में ओवरराइटिंग पर कोषाध्यक्ष हटाए गए, CCTV भी खंगाले गए

Badrinath Temple Donation Row: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर चल रही जांच के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग (काट-छांट) मिलने के बाद कोषाध्यक्ष संदेश मेहता को उनके पद से हटा दिया है। साथ ही जांच समिति ने मंदिर परिसर के CCTV फुटेज और दान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी है।

BKTC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि मंदिर के लॉकर में रखी चांदी की मात्रा और रजिस्टर में दर्ज विवरण में अंतर मिलने के साथ रिकॉर्ड में ओवरराइटिंग भी पाई गई। इसके बाद कोषाध्यक्ष का तबादला कर उनकी जिम्मेदारी कर्मचारी केदार सिंह को सौंप दी गई।

 

रिकॉर्ड और CCTV फुटेज खंगाले गए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय जांच समिति दूसरे दिन भी बदरीनाथ मंदिर में जांच करती रही। समिति ने कर्मचारियों से पूछताछ की और दान की गिनती, हुंडी से काउंटिंग रूम तक रकम पहुंचाने की प्रक्रिया, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की विस्तार से जांच की।

समिति ने करीब एक घंटे तक CCTV फुटेज भी देखे। अधिकारियों के मुताबिक, आगे की जांच में आम लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर फुटेज की फॉरेंसिक और साइबर जांच भी कराई जाएगी।

पहले कर्मचारी की हो चुकी है गिरफ्तारी

यह मामला तब सामने आया था जब 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए। इसके बाद BKTC ने आंतरिक जांच कराई, जिसमें शुरुआती स्तर पर आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पहले निलंबित किया गया और बाद में मुकदमा दर्ज होने के बाद SIT ने 12 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

अब सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति पूरे मामले की जांच के साथ-साथ बदरीनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी अपनी सिफारिशें देगी।

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