ईडी का दिल्ली, राजस्थान और बिहार में बड़ा एक्शन, चांडक परिवार के ठिकानों पर छापेमारी
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पटना इकाई ने बिहार के बांका जिले में हुए करोड़ो रुपये के अवैध रेत खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत तीन राज्यों के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह पूरा मामला महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किए गए कथित अवैध बालू खनन से जुड़ा हुआ है।
राजस्थान के चांडक परिवार के हाथ में है कंपनी की कमान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड नाम की इस कंपनी का पूरा नियंत्रण राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले रसूखदार चांडक परिवार’ के हाथों में है। इस कंपनी को मुख्य रूप से अशोक चांडक और उनका बेटा राघव चांडक मिलकर संचालित करते हैं। ईडी की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि इस कंपनी ने स्थानीय अधिकारियों की सांठगांठ से बांका जिले में नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर अवैध बालू का खनन किया। हैरान करने वाली बात यह है कि राज्य के खनन विभाग ने न तो समय रहते इस बड़े घोटाले की सूचना दी और न ही भू-माफियाओं के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया।
मामले की तह तक जाने के लिए ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना से एक विशेष वैज्ञानिक मदद मांगी थी। आईआईटी पटना को बांका जिले की विभिन्न नदियों में स्थित रेत घाटों का जियोस्पेशियल एनालिसिस (भौगोलिक-स्थानिक विश्लेषण) करने का जिम्मा सौंपा गया था।
आईआईटी पटना की आई तकनीकी रिपोर्ट ने जांच टीम के भी होश उड़ा दिए। रिपोर्ट के वैज्ञानिक विश्लेषण से साफ हुआ कि संबंधित कंपनी ने पर्यावरण और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन किया। आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2015-16 से लेकर 2022-23 के बीच कंपनी ने अवैध रूप से जो रेत निकाली, उसकी अनुमानित बाजार कीमत 131 करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है।
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