‘थर्ड डिवीजन वाला बना टॉपर, 56 SDM एक ही जाति के…’ Yogi ने खोली सपा सरकार की भर्ती फाइल
UP News: दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के विरोध-प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi)ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने सपा सरकार के समय हुई भर्ती प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौर में सरकारी नौकरियों में बड़े पैमाने पर पक्षपात और अनियमितताएं हुई थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो दल आज छात्रों और युवाओं के अधिकारों की बात कर रहे हैं, उनका रिकॉर्ड युवाओं के साथ न्याय करने का नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को विवादों में डालने का रहा है।
UPPSC भर्ती पर CM Yogi का बड़ा हमला
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि एक भर्ती में 86 SDM पदों में से 56 चयनित अभ्यर्थी एक ही जाति विशेष से थे, जबकि कई योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर रह गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय आयोग में ऐसे लोगों की नियुक्ति की गई, जो उस पद के लिए उपयुक्त नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईस्कूल में थर्ड डिवीजन हासिल करने वाले उम्मीदवार को भी SDM भर्ती में टॉपर बना दिया गया था।
राहुल-अखिलेश के प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
CM Yogi ने दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर हुए विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि यह छात्रों का आंदोलन कम और विपक्ष का राजनीतिक कार्यक्रम ज्यादा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी जमीन कमजोर होने के बाद विपक्ष छात्रों के मुद्दों का सहारा लेकर राजनीति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा सपा शासनकाल की भर्ती प्रक्रियाओं को भूला नहीं है और उसे अच्छी तरह याद है कि उस समय चयन प्रक्रिया को लेकर कितने सवाल उठे थे।
‘2017 के बाद मेरिट के आधार पर हुईं भर्तियां’
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में हुई सरकारी भर्तियां पूरी तरह मेरिट, पारदर्शिता और बिना किसी जातिगत या राजनीतिक भेदभाव के की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में न तो सिफारिश चली और न ही रिश्वत का कोई स्थान रहा।
CM Yogi कहा कि युवाओं को अवसर देने में उनकी सरकार ने निष्पक्ष व्यवस्था अपनाई है, जबकि पिछली सरकारों में भर्ती प्रक्रिया विवादों का विषय बनी रही।
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