Lucknow News: Apple का फर्जी कस्टमर केयर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाला गिरोह बेनकाब, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार
Lucknow News: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन CY-VAJRA के तहत लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पूर्वी जोन की क्राइम/सर्विलांस टीम और थाना विभूतिखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए विभूतिखंड स्थित साइबर हाइट बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 420A में चल रहे एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गूगल एड्स के जरिए Apple Support के नाम पर जालसाजी
पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पता चला कि यह गिरोह गूगल एड-सेंस (Google Ads) के ज़रिए फर्जी Apple Customer Support की वेबसाइट चलाता था। जब कोई अमेरिकी नागरिक Google पर सपोर्ट नंबर खोजता, तो उनका फर्जी टोल-फ्री नंबर 000 800 100 9009 सबसे ऊपर दिखाई देता था।
जैसे ही पीड़ित इस नंबर पर कॉल करते, कॉलिंग VOIP सिस्टम के ज़रिए लखनऊ के इस कॉल सेंटर में ट्रांसफर हो जाती थी। यहाँ बैठे एजेंट अमेरिकी अधिकारी, FTC (Federal Trade Commission) या अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का अफसर बनकर लोगों को डराते-धमकाते थे और उनसे Gift Cards, सोना या क्रिप्टोकरेंसी के रूप में मोटी रकम वसूलते थे। यह पैसा हवाला नेटवर्क के ज़रिए लखनऊ पहुँचता था।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड और संचालक सूरज त्रिपाठी (निवासी प्रतापगढ़), उसका रिश्तेदार विवेक पांडेय (स्थान व भर्ती प्रबंधक), राहुल त्रिपाठी (प्रबंधक) और आकाश अरुण दत्ता उर्फ रिक्की (निवासी मुंबई) फर्जी वेबसाइट और VOIP संभालने वाला तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।

35 एजेंटों में नेपाल और 10 राज्यों के युवा शामिल
छापेमारी के दौरान मौके पर 35 वर्कस्टेशनों पर 35 कॉलिंग एजेंट काम करते पाए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें उत्तराखंड से 10, महाराष्ट्र से 9, गुजरात और नागालैंड से 3-3, असम और मणिपुर से 2-2 तथा यूपी, एमपी, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, त्रिपुरा और नेपाल से 1-1 एजेंट शामिल थे। इन एजेंटों को यह कहकर नौकरी पर रखा गया था कि वे किसी वैध अमेरिकी कंपनी का काम कर रहे हैं और उन्हें नकद वेतन दिया जाता था।
लाखों की नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
पुलिस ने अभियुक्त सूरज त्रिपाठी की हुंडई वरना कार (UP32PU0036) से 18.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 31 लैपटॉप, 32 माउस, 14 स्मार्टफ़ोन, 2 राउटर और फर्जी एप्पल सपोर्ट वेबसाइट की प्रिंटेड सर्च हिस्ट्री जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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