धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर तोड़ी चुप्पी, बोले- जंतर-मंतर की स्थिति का देश विरोधी ताकतों ने उठाया फायदा
Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में देश के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान ने दोपहर 2:18 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी।
उन्होंने लिखा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। साथ ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया।
NEET मामले में सरकार की कार्रवाई का किया जिक्र
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से परीक्षा CBT (Computer Based Test) मोड में होगी।
सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराना थी। केंद्र, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और छात्रों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।
युवाओं का भविष्य किसी भी विवाद से बड़ा
प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी इससे मुंह नहीं मोड़ा। उनका संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की वजह से प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई 2026 को घोषित NEET-UG के परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब पृष्ठभूमि के कई छात्रों ने सफलता हासिल की। हालांकि, कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन व्यथित है। राष्ट्र विरोधी ताकतें मौजूदा स्थिति का फायदा न उठाएं, विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी विवादों में न फंसे और वे अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान दे सकें, इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने अंत में कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और वह भविष्य में भी देश, ओडिशा तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।

