53 साल पहले पद्मश्री का ऐलान, आज तक नहीं मिला सम्मान, 88 साल के क्रिकेटर का छलका दर्द
Sports News: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज फारुख इंजीनियर से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
दावा है कि 1973 में उन्हें पद्मश्री देने की घोषणा की गई थी, लेकिन 53 साल बाद भी उन्हें यह सम्मान नहीं मिला। 88 साल की उम्र में फारुख इंजीनियर ने अब इस मामले पर अपना दर्द जाहिर किया है।
खास बात यह है कि पद्म पुरस्कारों की आधिकारिक वेबसाइट पर फारुख इंजीनियर का नाम 1973 के पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची में दर्ज है।
इसके बावजूद उन्हें सम्मान प्रदान किए जाने का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
फारुख इंजीनियर ने बताया कि 1973 में जब पद्मश्री की घोषणा हुई, तब वह इंग्लैंड में क्रिकेट खेल रहे थे। उन्हें इसकी जानकारी किसी सरकारी पत्र के बजाय अखबार के जरिए मिली थी।
उनके मुताबिक, टीम मैनेजर हेमू अधिकारी ने भी उन्हें बताया था कि भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री देने का फैसला किया है। इंजीनियर को उम्मीद थी कि जल्द ही सरकार की ओर से आधिकारिक पत्र आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
‘तब से सम्मान का इंतजार कर रहा हूं’
इंजीनियर के अनुसार, उन्हें न तो कोई आधिकारिक सूचना मिली और न ही सम्मान लेने के लिए बाद में सरकार की ओर से संपर्क किया गया।
उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें यह भी समझ नहीं आया कि इस मामले को लेकर किससे संपर्क किया जाए।
अब यह मामला BCCI के संज्ञान में आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि 1973 में पद्मश्री की घोषणा के बावजूद सम्मान उन्हें क्यों नहीं मिला।
इंजीनियर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में जय शाह से भी इस मामले में बात की थी और उन्होंने मदद का भरोसा दिया है।

भारत के दिग्गज विकेटकीपर रहे हैं इंजीनियर
फारुख इंजीनियर ने भारत के लिए 1961 से 1975 के बीच 46 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने दो शतकों की मदद से 2,611 रन बनाए।
इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए 5 वनडे मैच भी खेले, जिसमें 114 रन बनाए।
वह अपने दौर के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाते थे और रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड टीम के लिए भी चुने गए थे।
क्या 53 साल बाद मिलेगा सम्मान?
पद्मश्री देश के प्रमुख नागरिक सम्मानों में शामिल है। आधिकारिक रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बावजूद फारुख इंजीनियर को सम्मान न मिलने का मामला अब एक बार फिर चर्चा में है।
BCCI की प्रस्तावित चिट्ठी के बाद सरकार इस पुराने मामले की जांच करती है या नहीं और 88 साल के इस दिग्गज क्रिकेटर को 53 साल बाद पद्मश्री मिल पाता है या नहीं, अब इस पर सबकी नजर रहेगी।
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