प्रयागराज में बाढ़ का खतरा, बेलन-टोंस और गंगा में उफान से 60 गांवों से टूटा संपर्क, 80 हजार लोग प्रभावित
Prayagraj Flood: प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बेलन नदी के उफान पर आने से टोंस की धारा प्रभावित हुई है और देर रात टोंस का पानी भी बढ़ने लगा। इसका सीधा असर गंगा के जलस्तर (Ganga Water level) पर पड़ रहा है।
अफसरों के मुताबिक, बुधवार दोपहर तक गंगा का रुख बघाड़ा की ओर हो सकता है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। फिलहाल प्रशासन का अनुमान है कि जलस्तर करीब 83 से 84 मीटर तक पहुंच सकता है। इसके बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बेलन के दबाव से टोंस में बैकफ्लो का खतरा
ADM वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि पीछे से लगातार बारिश का पानी आने के कारण बेलन नदी (Belan River) उफान पर है। बढ़ते जलस्तर के चलते बेलन ने टोंस (Tons River) की धारा को रोक दिया है। टोंस में करीब दो मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बेलन के दबाव के कारण टोंस का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है और अब इसका असर गंगा पर भी दिखाई देने लगा है। रात के बाद गंगा में पानी के बैकफ्लो की स्थिति बनने लगी। इसे देखते हुए प्रशासन ने संबंधित इलाकों में बाढ़ (Prayagraj Flood) का अलर्ट जारी कर दिया है।
जिले में संभावित बाढ़ को देखते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मंगलवार शाम अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं।
कोरांव में 60 गांवों का संपर्क टूटा, 485 लोग राहत शिविर में

बेलन नदी के उफान का सबसे ज्यादा असर कोरांव क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। कई रपटों पर पानी भरने के कारण गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। प्रशासन के मुताबिक, करीब 60 गांवों की 80 हजार आबादी इससे प्रभावित हुई है।
स्थिति को देखते हुए कोरांव में राहत सामग्री के साथ NDRF की टीम भेजी गई है। वहीं, 485 लोगों को पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया है।
बघाड़ा इलाके के लोगों के लिए भी राहत शिविर की व्यवस्था बदली गई है। हर बार एनी बेसेंट स्कूल में शिविर बनाया जाता था, लेकिन इस बार वहां की स्थिति को देखते हुए होली ट्रिनिटी स्कूल को राहत शिविर बनाया गया है। प्रशासन ने बघाड़ा के लोगों से जरूरत पड़ने पर होली ट्रिनिटी स्कूल पहुंचने को कहा है।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सभी राहत शिविरों को अलर्ट कर दिया गया है। जैसे ही प्रभावित लोग शिविरों में पहुंचेंगे, उनके लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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