पेपर लीक और बेरोजगारी पर तेजस्वी यादव का पटना में पैदल मार्च, BJP का पलटवार, बोली- यह राजनीतिक करियर बचाओ मार्च
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लोक भवन की ओर एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए RJD ने राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों व युवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। मार्च के दौरान राजद नेताओं ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि पूरे देश में, और खासकर बिहार में छात्र और युवा बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पेपर लीक होना अब एक आम बात बन चुकी है और देश का युवा अब बेरोजगारी का बोझ सहने के मूड में नहीं है। मनोज झा के मुताबिक युवाओं को केवल खोखले आश्वासनों की नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान की जरूरत है। वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने हक और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों के खिलाफ AK राइफलों तक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।
बिहार के पटना में तेजस्वी का राजभवन मार्च लकड़ी की AK-47 लेकर पहुंचे कार्यकर्ता साथ ही हजारों के हाथ में तिरंगा झंडा लिए हुए है pic.twitter.com/zoTwgTRcw4
— Anjali Kumari (@AnjaliKumari009) August 19, 2026
भाजपा ने किया तीखा पलटवार
राजद के इस पैदल मार्च पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इस प्रदर्शन को तेजस्वी यादव का “राजनीतिक करियर बचाओ मार्च” करार दिया। सरावगी ने कहा कि बिहार की आम जनता राजद को पूरी तरह नकार चुकी है और राज्य से उनका लगभग सूपड़ा साफ हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव को बिहार के विकास से कोई लेना-देना नहीं है, वह महीनों तक राज्य से नदारद रहते हैं और नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद विधानसभा सत्र से गायब रहते हैं।
सिवान में हुई घटना और AK-47 के इस्तेमाल के आरोपों पर सफाई देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां एक जवान भीड़ में फंस गया था, जिसने अपनी आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की थी। इसके बावजूद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए उस जवान को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए विधानसभा में देश का सबसे कड़ा कानून बनाया है।
संजय सरावगी ने अतीत का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव से सवाल किया कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी ने बिहार पर दशकों तक शासन किया, लेकिन उन्होंने पेपर लीक रोकने के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकाल में अनगिनत पेपर लीक हुए, पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अंत में तंज कसते हुए सरावगी ने कहा कि अगर तेजस्वी को वाकई छात्रों की चिंता है, तो उन्हें बिहार के बजाय झारखंड जाकर मार्च निकालना चाहिए।
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