Balrampur News: बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ा खेल, यूआरसी और अहम पोर्टलों पर शिक्षामित्र का ‘कब्जा’, वसूली के गंभीर आरोप
Balrampur News: जनपद बलरामपुर के बेसिक शिक्षा विभाग के नगर संसाधन केंद्र (यूआरसी) में एक शिक्षामित्र की लंबे समय से बनी मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय सेवा समिति में तैनात शिक्षामित्र जुहैब काजिम करीब पांच वर्षों से अपने मूल विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के बजाय नगर संसाधन केंद्र में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन पर यू-डायस, मिड-डे मील और प्रेरणा पोर्टल जैसे विभागीय कार्यों में दखल रखने के साथ निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में हस्तक्षेप और वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मूल विद्यालय में उपस्थिति, यूआरसी में काम करने का आरोप
आरोप है कि शिक्षामित्र लंबे समय से मूल विद्यालय में नियमित रूप से शिक्षण कार्य नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर दर्ज होने का दावा किया जा रहा है।
इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने और विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया गया कि पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राम कुमार के कार्यकाल में शिक्षामित्र की विभागीय गतिविधियों में भूमिका बढ़ी।
आरोप है कि उन्हें निजी विद्यालयों की मान्यता संबंधी निरीक्षण जैसे कार्यों में भी लगाया जाता था। इसी दौरान निजी स्कूल संचालकों से कथित वसूली के आरोप सामने आए।
अहम पोर्टलों के काम को लेकर भी सवाल
यूआरसी में पहले से वरिष्ठ सहायक, कार्यालय सहायक, लेखाकार और ब्लॉक समन्वयक समेत अन्य कर्मचारी तैनात हैं।
इसके बावजूद शिक्षामित्र द्वारा महत्वपूर्ण विभागीय पोर्टलों से जुड़े काम किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, पर्याप्त स्टाफ होने के बावजूद एक कनिष्ठ सहायक से बीएसए कार्यालय में काम लिए जाने की बात भी सामने आई है।
वर्तमान में श्रीदत्तगंज के बीईओ अशोक कुमार पाठक के पास नगर क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार है। आरोप है कि उनके पास अतिरिक्त जिम्मेदारी होने के कारण नगर क्षेत्र की व्यवस्था पर पर्याप्त निगरानी नहीं हो पा रही है।
बीएसए बोले- मूल विद्यालय भेजा जाएगा
मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह प्रकरण उनकी जानकारी में नहीं था।
उन्होंने कहा कि यूआरसी में शिक्षामित्र के काम करने की जरूरत और उनकी वहां मौजूदगी के कारणों की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
बीएसए ने कहा कि यदि उनकी तैनाती नियमों के अनुरूप नहीं है तो उन्हें तत्काल मूल विद्यालय भेजा जाएगा।
वहीं, शिक्षामित्र पर लगाए गए वसूली और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

