कौशांबी CO सत्येंद्र तिवारी की गिरफ्तारी का आदेश, 10 सितंबर को कोर्ट में पेशी
Satyendra Tiwari Arrest Order: प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 14 लोगों की मौत के बाद चर्चा में आए कौशांबी के सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी का आदेश दिया है। हालांकि, यह आदेश पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में नहीं, बल्कि वर्ष 2018 के एक SC/ST एक्ट के मुकदमे में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने पर जारी किया गया है।
तीन बार बुलाने के बाद भी नहीं पहुंचे
मामला सत्र परीक्षण संख्या-401/2018, राज्य बनाम तौफीक आलम अंसारी से जुड़ा है। इस केस में सत्येंद्र प्रसाद तिवारी तत्कालीन विवेचक थे और उनकी गवाही होनी है। विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट), वाराणसी सुधाकर राय की अदालत ने उन्हें पहले 13 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही के लिए बुलाया था। वह तिरंगा यात्रा के कारण उपस्थित नहीं हुए।
इसके बाद 24 अगस्त को भी VC के जरिए साक्ष्य के लिए बुलाया गया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। फिर 1 सितंबर 2026 को तारीख तय हुई। इस दिन भी उनकी मौजूदगी नहीं हुई।
वेतन रोकने का भी आदेश
अदालत ने लगातार गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि साक्षी जानबूझकर गवाही देने से बच रहा है। कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्येंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर 2026 को अदालत में पेश किया जाए।
इसके साथ ही उनके वेतन का आहरण रोकने का आदेश भी दिया गया है। चीफ ट्रेजरी ऑफिसर को अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी कोर्ट में दाखिल करनी होगी।
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद सत्येंद्र तिवारी का पीड़ित परिवारों से गले लगकर रोने का वीडियो वायरल हुआ था। अब इस गिरफ्तारी आदेश की वजह पुराना SC/ST एक्ट मुकदमा है।

