मुजफ्फरनगर शहजादी हत्याकांड में पति नदीम को फांसी, 8 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला
Muzaffarnagar Shahjadi Murder Case: मुजफ्फरनगर के शहजादी हत्याकांड में करीब आठ साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। शाहपुर में 2018 में हुई महिला की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट नंबर-3 (FTS Court) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने दोषी पति नदीम को मृत्युदंड (Death Penalty) की सजा सुनाई है।
अदालत ने इस अपराध को विरल से विरलतम (Rarest of Rare) श्रेणी का माना। कोर्ट ने धारा 302 के तहत नदीम पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे दो साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
दहेज के लिए प्रताड़ना के बाद शहजादी की मौत
एडीजीसी कुलदीप कुमार के मुताबिक, शहजादी के पिता दिलशाद ने शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनकी बेटी की शादी 10 जनवरी 2015 को सितारा मस्जिद, शाहपुर निवासी नदीम से हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष दहेज में बाइक और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसे परेशान करता था।
23 जुलाई 2018 की रात शहजादी के साथ पति नदीम, ननद सोनी और सास शमशीदा ने मारपीट की। आरोप था कि इसके बाद उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई। आरोपी उसे मेरठ के अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए, जिसके बाद शहजादी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। करीब 98 प्रतिशत झुलसी शहजादी की 28 जुलाई 2018 को इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने केस (Muzaffarnagar Shahjadi Murder Case) की जांच पूरी करने के बाद आरोप-पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने ननद सोनी को दोषमुक्त कर दिया, जबकि सास की मौत होने के कारण उसके खिलाफ चल रही कार्रवाई समाप्त कर दी गई। अब सोमवार को पति नदीम को फांसी की सजा सुनाई गई।
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