सरकारी गेहूं खरीद में 60 लाख का गबन, बलरामपुर में पीसीएफ सचिव-केंद्र प्रभारी पर मुकदमा
Balrampur News: बलरामपुर के तुलसीपुर क्षेत्र में सरकारी गेहूं खरीद में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीसीएफ के दो क्रय केंद्रों पर रिकॉर्ड में दर्ज गेहूं मौके पर नहीं मिला। जांच में कुल 228.764 मीट्रिक टन गेहूं गायब पाया गया। इसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह और केंद्र प्रभारी महेंद्र मणि तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
11 सितंबर को हुई औचक जांच
11 सितंबर 2026 को जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय, सहायक आयुक्त सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की संयुक्त टीम ने बी-पैक्स तुलसीपुर के नचौरा और कौवापुर गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
नचौरा केंद्र पर 420.87 मीट्रिक टन गेहूं खरीद दर्ज थी। इसमें से 353.759 मीट्रिक टन एफसीआई को भेजा गया था। रिकॉर्ड के मुताबिक 67.111 मीट्रिक टन गेहूं गोदाम में होना चाहिए था, लेकिन गोदाम खाली मिला। अधिकारियों को गोदाम की चाबी भी नहीं दी गई।
कौवापुर केंद्र पर भी स्टॉक गायब
कौवापुर केंद्र पर 322.600 मीट्रिक टन खरीद के मुकाबले 160.947 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई भेजा गया था। बाकी 161.653 मीट्रिक टन गेहूं मौके पर नहीं मिला।
दोनों केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2605 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 59 लाख 59 हजार 302 रुपये 20 पैसे के सरकारी धन के गबन का अनुमान है। जांच टीम ने दोनों गोदाम सील कर दिए। पीसीएफ जिला प्रबंधक अश्वनी शुक्ला की तहरीर पर तुलसीपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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