राहुल गांधी मानहानि केस में बहस टली, BJP नेता के वकील को कोर्ट की चेतावनी, 21 सितंबर को आखिरी मौका
Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर कथित आपत्तिजनक बयान देने से जुड़े मानहानि केस में बुधवार को सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में दोपहर 12 बजे होने वाली सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्र के वकील संतोष पांडेय ने बहस के लिए और समय मांगा।
वकील ने धार्मिक आयोजन में व्यस्त होने का हवाला देते हुए अगली तारीख देने की मांग की। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी शुक्ला के मुताबिक, विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने वकील को चेतावनी देते हुए बहस के लिए अंतिम मौका दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
वॉइस सैंपल की मांग को कोर्ट से नहीं मिली मंजूरी
मामले में Rahul Gandhi के वॉइस सैंपल का फॉरेंसिक लैब से मिलान कराने की मांग भी की गई थी। ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट, दोनों ने इस याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद भाजपा नेता विजय मिश्र ने हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी, लेकिन वहां से भी याचिका खारिज हो गई।
पिछली सुनवाई में शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि इस संबंध में एक सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
2018 के बयान पर दर्ज हुआ था केस
आरोप है कि Rahul Gandhi ने 2018 में बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी मामले में जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए तलब किया था। वारंट जारी होने के बाद वह 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में पेश हुए और जमानत ली। उन्होंने 25-25 हजार रुपये के दो मुचलके जमा किए थे।
इसी दिन उनका बयान भी दर्ज हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने वॉइस सैंपल के मिलान की मांग करते हुए याचिका दाखिल की, जिसे ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ अपील सेशन कोर्ट में भी खारिज हुई। Rahul Gandhi ने 26 जुलाई 2024 को मामले में दोबारा अपना बयान दर्ज कराया था।
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