ग्राहकों के लिए यूपीआई हमेशा रहेगा फ्री: फोनपे सीईओ
Sandesh Wahak Digital Desk: फोनपे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए नए एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) नियम लागू होने के बाद भी आम ग्राहकों से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में डिजिटल पेमेंट के ढांचे को भविष्य में सही तरीके से चालू रखने और आर्थिक मजबूती देने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।
समीर निगम के अनुसार, उपभोक्ता पहले की तरह बिना किसी फीस के यूपीआई सेवाओं का आनंद लेते रहेंगे। इसके साथ ही, जिन छोटे दुकानदारों का सालाना टर्नओवर 1 लाख रुपये से कम है, उन्हें भी इस नए एमडीआर सिस्टम से बाहर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि बड़े कारोबारियों के यहाँ होने वाले लगभग 96 प्रतिशत लेनदेन 2,000 रुपये से कम के होते हैं, जिन पर कोई फीस नहीं लगेगी। 2,000 रुपये से अधिक के व्यावसायिक भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर तय किया गया है, जिसकी भरपाई केवल व्यापारी करेंगे, ग्राहक नहीं। इसके अलावा, व्यापारी इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर ट्रांसफर नहीं कर सकते।
फोनपे सीईओ ने बताया कि पूरा उद्योग यूपीआई तकनीक, साइबर सुरक्षा, केवाईसी, धोखाधड़ी रोकने और सिस्टम को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर साल 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये खर्च करता है। एमडीआर से मिलने वाला राजस्व इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और फिनटेक कंपनियों को नए नवाचार (इनोवेशन) में मदद करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि 50-55 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट आने वाले समय में और तेजी से बढ़ेगा।

